Congress in State Elections( Source: Social Media )
Congress in State Elections: इस समय कांग्रेस की अपने दम पर हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में सरकारें हैं। अभी होने जा रहे 5 राज्यों के चुनाव में क्या कहीं उसके जीतने की उम्मीद की जा सकती है? बंगाल में टीएमसी तथा तामिलनाडु में डीएमके की नींव मजबूत बनी हुई है।
इसलिए वहां कांग्रेस की दाल गलने का सवाल ही पैदा नहीं होता। इसके बावजूद यदि कांग्रेस असम और केरल में सफलता पाती है तो प्रमुख विपक्षी दल के रूप में उसकी साख बढ़ जाएगी। इन दोनों राज्यों में कांग्रेस एक दशक से सत्ता से बाहर है लेकिन उसने वहां की सरकारों को चुनौती दे रखी है।
इन दोनों ही राज्यों में पुराने नेता या ती गुजर गए हैं या प्रभावहीन हो गए हैं अथवा उन्होंने दलबदल कर लिया है, अपने 2022 के उदयपुर घोषणापत्र को लागू करते हुए कांग्रेस ने असम और केरल में नए चेहरे उत्तारने का फैसला किया है।
केरल में वी.डी. सतीशन तथा असम में गौरव गोगोई पार्टी का मुख्य चेहरा होंगे। इतने पर भी इन राज्यों की कांग्रेस इकाइयों में भी नई पीढ़ी के नेताओं को जिम्मेदारी सौंपना बाकी है। पार्टी को गुटबाजी की समस्या से भी निपटना होगा, पुराने दशकों में केरल कांग्रेस में एके एंटोनी और चेन्नीथला का आपसी टकराव था।
अब केसी वेणुगोपाल अपनी जमीन मजबूत करने में लगे हुए हैं। असम में गौरव गोगोई को भावी मुख्यमंत्री के तौर पर पेश करने से नाराज कांग्रेस के पुराने नेताओं प्रद्युत बारदोलोई व भूपेन बरूआ ने पार्टी छोड़ दी है। कांग्रेस केरल में नायर समुदाय व ईसाईयों के बीच पैर जमाने में लगी है, जबकि असम में वह अब भी हिंदू वोटों के भरोसे है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा बीजेपी में शामिल होने से पूर्व कांग्रेस में थे इसलिए कांग्रेस की रणनीति अच्छी तरह जानते हैं। कांग्रेस असम में अल्पसंख्यकों को साथ में ले रही है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के रकीबुल हुसैन ने एआईयूडीएफ के अजमल को हराकर पाटी में उत्साह भर दिया था।
विधानसभा चुनाव में महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे प्रमुख चुनौतियां बने हुए हैं। कांग्रेस को दिखाना होगा कि वह इन समस्याओं को हल करने की कितनी क्षमता रखती है।
तामिलनाडु में कांग्रेस ने डीएमके से दूरी बढ़ा ली है। कांग्रेसी नेता मणिकम टैगोर ने स्टालिन सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। स्टालिन ने कांग्रेस की सीटें बढ़ाने से इनकार कर दिया, कग्रिस जूनियर पार्टनर बने रहने को राजी नहीं है।
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वह अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके से चुनावी गठबंधन कर सकती है। बंगाल में कांग्रेस ने लेफ्ट पार्टियों से गठबंधन तोड़ दिया है। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और लेफ्ट दोनों को एक भी सीट नहीं मिल पाई थी।
वहां टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला रहेगा। हरियाणा, बिहार, दिल्ली में भी कांग्रेस की हालत कमजोर बनी हुई है। अब वह केरल व असम के चुनावों से उम्मीद लगाए हुए है कि शायद किस्मत उसका साथ दे जाए।
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा