- Hindi News »
- Special Coverage »
- Ncert Released The Final Draft For School Education 2024
बच्चों पर पढ़ाई का बढ़ता बोझ, शिक्षा क्षेत्र में नए प्रयोग
NCERT ने शालेय शिक्षा 2024 के लिए अंतिम मसौदा जारी किया। मई महीने में जारी पहले मसौदे की आलोचना हुई थी। तब राज्य के शिक्षामंत्री दीपक केसरकर ने घोषित किया था कि संबंधित घटकों से चर्चा कर नया मसौदा तैयार किया जाएगा।
- Written By: मृणाल पाठक

(डिजाइन फोटो)
शिक्षा के मूल उद्देश्य को नजरअंदाज करते हुए शिक्षा क्षेत्र में मनमाने प्रयोग किए जाते हैं। राज्य की नई शैक्षणिक नीति का मसौदा देखें तो यह बात ध्यान में आ जाएगी। एनसीईआरटी ने हाल ही में शालेय शिक्षा 2024 के लिए अंतिम मसौदा जारी किया है। मई महीने में जारी पहले मसौदे को लेकर उसे आलोचना का सामना करना पड़ा था। तब राज्य के शिक्षामंत्री दीपक केसरकर को घोषित करना पड़ा था कि संबंधित घटकों से चर्चा कर नया मसौदा तैयार किया जाएगा।
इसके अनुसार नया मसौदा बनाया गया जिसे तथ्यान्वेषण समिति ने स्वीकृति दी। इसके बावजूद यह अंतिम मसौदा भी विवादग्रस्त हो गया। इसके कुछ कारण हैं। पहले मसौदे के समान अंतिम मसौदे में भी अंग्रेजी विषय की श्रेणी विदेशी भाषा के कॉलम में की गई है जबकि देश के संविधान में अंग्रेजी को अधिकृत भाषा के रूप में मान्यता मिली हुई है। अंग्रेजी को विदेशी भाषा कहने से विवाद छिड़ गया है।
छात्रों के पाठ्यक्रम में स्टैंडर्ड इंग्लिश और एडवांस्ड इंग्लिश के 2 विकल्प दिए जाएंगे। स्टैंडर्ड इंग्लिश में हमेशा के समान अंग्रेजी दिखाई जाएगी जबकि एडवांस्ड इंग्लिश में बच्चों को टोफेल, जीआरई जैसी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा। क्या भाषा इस तरह सिखाई जाती है? भाषा का सौंदर्य छात्रों को समझना चिाहए और उस भाषा से मानसिक नाता जोड़ना चाहिए। उसमें स्वयं को अभिव्यक्त करना आना चाहिए। यह सब छोड़कर ‘टोफेल’ की तैयारी! आखिर यह स्कूल है या कोचिंग क्लास? इसके अलावा विदेशी भाषा में हिब्रू का भी विकल्प दिया गया है।
सम्बंधित ख़बरें
IND vs PAK: कोलंबो में कैसा होगा मौसम और पिच का मिजाज? हेड टू हेड रिकॉर्ड से लाइव स्ट्रीमिंग तक, जानें सबकुछ
Aaj Ka Rashifal: 15 फरवरी को महादेव हर लेंगे इन राशियों के कष्ट! जानें कैसा रहेगा रविवार का दिन
कब रखा जाएगा शीतला सप्तमी व्रत? जानें सही तिथि और शुभ मुहूर्त एक क्लिक में
किडनी के मरीज़ इन सब्जियों से तुरंत कर लें तौबा, वरना बढ़ जाएगी परेशानी
यह भी पढ़ें- पहले देश में सजा काटनी होगी, पूर्व रॉ अधिकारी यादव के प्रत्यर्पण की मांग
इसके साथ ही जर्मन, फ्रेंच, जापानी, स्पेनिश, चाइनीज, पर्शियन और अरबी भाषा का विकल्प भी दिया गया है। जिन बच्चों की मातृभाषा मराठी है वह पहली कक्षा से हिंदी भाषा भी सीखेंगे। आखिर बच्चों पर कितनी भाषाओं का बोझ लादा जाएगा? शिक्षा नीति बनानेवाले आगे की प्रतिस्पर्धा के बारे में सोचकर रेस के घोड़े तैयार करने की धुन में लगे हैं। क्या यह बाल मन पर भारी दबाव नहीं है? पहली कक्षा से ‘खेती’ विषय भी शामिल किया जाएगा लेकिन यह महत्वपूर्ण विषय केवल 2-4 अंकों का नहीं होना चाहिए।
बच्चों को पूरी खेती समझनी चाहिए। 11वीं-12वीं के लिए लगभग 40 विषय 9 गुटों में विभाजित किए गए हैं। इनमें से 8 विषय लेने होंगे। नया मसौदा अगले वर्ष से लागू होगा। गणित और विज्ञान विषय के लिए एनसीईआरटी की मान्यतावाली पाठ्य पुस्तकें राज्य बोर्ड की स्कूलों को भी दी जाएगी। इतिहास और भूगोल का पाठ्यक्रम प्राय: वैसा ही रहेगा परंतु कुछ मात्रा में एनसीईआरटी की मान्यतावाला पाठ्यक्रम शामिल किया जाएगा। कारण यही है कि विद्यार्थियों को स्पर्धा परीक्षा के लिए ओर अच्छी तरह तैयार करना। शिक्षा का यह व्यापक प्रयोजन है। शिक्षा की ओवरडोज देना ही सब कुछ है। छात्रों को गढ़कर अच्छा इंसान बनाने जैसे शिक्षा के पुराने लक्ष्य अब बीती बात बन कर रह गए हैं।
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा
Ncert released the final draft for school education 2024
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
IND vs PAK: कोलंबो में कैसा होगा मौसम और पिच का मिजाज? हेड टू हेड रिकॉर्ड से लाइव स्ट्रीमिंग तक, जानें सबकुछ
Feb 15, 2026 | 12:07 AMAaj Ka Rashifal: 15 फरवरी को महादेव हर लेंगे इन राशियों के कष्ट! जानें कैसा रहेगा रविवार का दिन
Feb 15, 2026 | 12:05 AMकब रखा जाएगा शीतला सप्तमी व्रत? जानें सही तिथि और शुभ मुहूर्त एक क्लिक में
Feb 14, 2026 | 11:58 PMकिडनी के मरीज़ इन सब्जियों से तुरंत कर लें तौबा, वरना बढ़ जाएगी परेशानी
Feb 14, 2026 | 11:32 PMफिर हिंसा में जल रहा मणिपुर… ताबड़तोड़ फायरिंग से दहला उखरुल, पुलिस ने ये क्या कर दी अपील?
Feb 14, 2026 | 11:27 PMसूर्य ग्रहण क्यों होता है गर्भवती महिलाओं के लिए बड़ा खतरा? जानिए क्या सावधानी बरतें
Feb 14, 2026 | 11:15 PMकौन थे कुमार भास्कर वर्मा? जिनके नाम पर ब्रह्मपुत्र नदी पर बना पुल, पीएम मोदी ने किया है उद्घाटन
Feb 14, 2026 | 10:59 PMवीडियो गैलरी

UP विधानसभा में ‘एनकाउंटर’ पर तकरार: माता प्रसाद पांडेय का सरकार पर तंज, कहा- असली सनातनी भेदभाव नहीं करते
Feb 14, 2026 | 02:17 PM
खाकी बना ‘देवदूत’: कासगंज में ट्रेनिंग कर रहे सिपाही ने जान पर खेलकर बचाई मासूम की जान, SP ने किया सलाम
Feb 14, 2026 | 02:08 PM
संसद में कफ सिरप पर संग्राम, विपक्ष ने मांगा ₹5 लाख का मुआवजा, नड्डा बोले- एक भी मौत रिपोर्ट नहीं हुई- VIDEO
Feb 13, 2026 | 09:22 PM
बांग्लादेश में ‘तारिक’ का उदय, भारत के लिए संकट या सुनहरा मौका? PM मोदी के बधाई संदेश ने साफ की तस्वीर-VIDEO
Feb 13, 2026 | 09:17 PM
लॉरेंस बिश्नोई गैंग की महू में दस्तक! कारोबारी को फोन और मेल पर मिली धमकी, इंदौर पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
Feb 13, 2026 | 09:10 PM
‘अधिकारी का ट्रे उठाने के लिए नहीं, देश की रक्षा के लिए बना है जवान’, संसद में दहाड़े संजय सिंह- VIDEO
Feb 13, 2026 | 09:06 PM










