नवभारत निशानेबाज: आधुनिक तकनीकी लुटेरे हैं हैकर्स, नेटवर्क इस्तेमाल करने में शातिर
Navabharat Nishanebaaz: बदलते दौर में अब पारंपरिक डकैतों की जगह साइबर हैकर्स ने ले ली है। बिना किसी हथियार के, ये शातिर अपराधी हर मिनट दुनिया भर से करोड़ों रुपये उड़ा रहे हैं।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (डिजाइन फोटो)
Cyber Crime And Hackers: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, हमें हॉकर्स और हैकर्स से बड़ा डर लगता है। वैसे अपनी सोसाइटी के गेट पर बोर्ड लगा है कि हॉकर्स को प्रवेश की अनुमति नहीं, लेकिन फिर भी कोई न कोई चीज बेचने के बहाने हॉकर्स आ धमकते हैं और टाइम बर्बाद करते हैं। इसी तरह दुनिया में हैकर्स भी परेशानी की वजह बन रहे हैं। खबर है कि हैकर्स हर मिनिट में विश्व की अर्थव्यवस्था से 10,00,000 डॉलर से भी अधिक रकम लूट लेते हैं। प्रति मिनिट 2,000 लोग उनके शिकार बनते हैं। हैकर्स कंपनियों के सिस्टम में सेंध लगाकर और जासूसी करने वाला कम्पोनेंट डालकर लोगों की निजी और गोपनीय जानकारी चुरा लेते हैं। जिन लोगों को हम जानते-पहचानते तक नहीं, उनके पास भी हमारी जानकारी जैसे कि जन्मतारीख, बैंक अकाउंट नंबर, मोबाइल नंबर और पता पहुंच जाता है।’
हमने कहा, ‘हॉकर हो या हैकर्स, उनका भी अपना हक होता है। मराठी में ऐसे खोजबीन करने वाले व्यक्ति को ‘पातालयंत्री’ कहा जाता है। आज के युग में दोनों का अस्तित्व स्वीकार कीजिए,’
पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, आप समस्या की गंभीरता को समझ नहीं रहे हैं। हैकर्स आधुनिक तकनीक वाले डाकू हैं। उन्हें चंबल घाटी के डकैतों के समान दुनाली बंदूक लेकर घोड़े पर सवार होने की जरूरत नहीं है। हैकर्स साइबर क्राइम में माहिर होते हैं। सारी दुनिया में हैकर्स का जाल फैला है। ये बड़े इंटेलिजेंट, जीनियस और शातिर किस्म के लुटेरे होते हैं। हैकर्स कंप्यूटर में वायरस वाला सॉफ्टवेयर भेजकर धोखाधड़ी से क्रेडिट और डेबिट कार्ड की जानकारी निकालते हैं और बैंक खाते से मोटी रकम गायब कर देते हैं। ऐसे में गन रखने वाला बैंक का सिक्योरिटी गार्ड भी किसी काम नहीं आता। हैकर्स साइबर क्राइम के हुनर से बैंक लूट लेते हैं और कोई कुछ कर नहीं पाता। अब तो पुलिस अधिकारियों को साइबर क्राइम की स्टडी करना जरूरी हो गया है। वकील भी साइबर लॉ का अध्ययन करते हैं।’
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हमने कहा, ‘सभी हैकर्स ठग या डाकू नहीं होते। कुछ ईमानदार और सिद्धांतवादी भी होते हैं जिन्हें एथिकल हैकर्स कहा जाता है। वे नैतिकता के साथ अच्छा काम करते हैं। वह साजिशों का पता लगा लेते हैं और संकट निवारण करते हैं।’
