23 मार्च का इतिहास: शहीद दिवस और क्रांति की अमर कहानी, जब भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव ने हंसते-हंसते दी शहादत
Bhagat Singh Martyrdom: 23 मार्च भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण दिन है। 1931 में इसी दिन भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव को ब्रिटिश शासन ने फांसी दी थी, जिसे आज शहीद दिवस के रूप में याद किया जाता है।
- Written By: अंकिता पटेल
Shaheed Diwas India ( Source: Social Media )
Shaheed Diwas India: देश और दुनिया के इतिहास में वैसे तो कई महत्वपूर्ण घटनाएं 23 मार्च की तारीख पर दर्ज हैं….लेकिन भगत सिंह और उनके साथी राजगुरु तथा सुखदेव को फांसी दिया जाना भारत के इतिहास में दर्ज इस दिन की सबसे बड़ी एवं महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वर्ष 1931 में क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को 23 मार्च को फांसी दी गई थी।
देश-दुनिया के इतिहास में 23 मार्च की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-
1880 : भारतीय स्वतंत्रता सेनानी बसंती देवी का जन्म।
1910: स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, प्रखर चिंतक एवं समाजवादी राजनेता डॉ. राममनोहर लोहिया का जन्म।
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1931: भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को अंग्रेजों ने फांसी दी।
1940 : मुस्लिम लीग ने पाकिस्तान प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस प्रस्ताव को ‘पाकिस्तान संकल्प’ के नाम से भी जाना जाता है।
1956 : पाकिस्तान दुनिया का पहला इस्लामिक गणतंत्र देश बना।
1965: नासा ने पहली बार अंतरिक्ष यान ‘जेमिनी 3’ से दो व्यक्तियों को अंतरिक्ष में भेजा।
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1986 : केन्द्रीय आरक्षी पुलिस बल की पहली महिला कंपनी दुर्गापुर शिविर में गठित की गई।
1996: ताइवान में पहला प्रत्यक्ष राष्ट्रपति चुनाव हुआ, जिसमें ली तेंग हुई राष्ट्रपति बने।
2020: भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की संख्या 433 हुई और देश के ज्यादातर हिस्सों में लॉकडाउन लगाया गया।
2024: तीन अंतरिक्ष यात्रियों के साथ रूस का सोयूज रॉकेट अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना हुआ।
2025: इजराइल-हमास युद्ध में फलस्तीनी मृतकों की संख्या 50,000 से अधिक हुई।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
