नवभारत विशेष: जनकल्याणकारी योजनाओं को समर्पित देवा भाऊ, ओजस्वी एवं तेजस्वी नेतृत्व
Maharashtra Women Farmers: महिला किसान सशक्तिकरण विधेयक 2026 के तहत महिलाओं को 'स्वतंत्र किसान' का कानूनी दर्जा देने का प्रावधान किया गया है, जिससे उन्हें बैंक ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
- Written By: अंकिता पटेल
(नवभारत डिजाइन फोटो)
Women Farmer Empowerment Bill: लोक-कल्याण का ताजा उदाहरण हाल ही में संपन्न हुए मानसून सत्र में देखने को मिला। उन्होंने राज्य के विकास का एक नया अध्याय लिखा और लोक-कल्याणकारी राज्य को वास्तविक संकल्पना को साकार किया। इस सत्र में उन्होंने ऐतिहासिक निर्णय लिया। सदियों से खेतों में पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर दिन-रात पसीना बहाने वाली, लेकिन अपने हक के 7/12 और कानूनी पहचान से वंचित रही हमारी माताओं-बहनों को उन्होंने ‘महाराष्ट्र महिला किसान सशक्तिकरण विधेयक 2026’ के माध्यम से ‘स्वतंत्र किसान’ का आधिकारिक कानूनी दर्जा दिया।
भूमि का मालिकाना हक न होने पर भी, केवल ‘महिला किसान प्रमाणपत्र’ के बल पर उन्हें बैंक ऋण और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने वाला यह निर्णय राज्य की महिला किसानों के परिश्रम का सर्वोच्च सम्मान है। इसके अतिरिक्त, महिला किसानों की आर्थिक मजबूती के लिए स्वतंत्र कोष और डिजिटल डाटाबेस का प्रावधान महिलाओं के सशक्तिकरण को एक नई दिशा देने वाला सिद्ध हुआ है।
किसानों के लिए कर्जमाफी और बिजली बिल माफी का बड़ा फैसला
प्राकृतिक और अन्य विपदाओं से हताश हुए किसानों के आंसू पोंछने के लिए उन्होंने राज्य के 56 लाख से अधिक किसानों के जीवन में स्थायित्व लाने हेतु 36,585 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक कर्जमाफी की घोषणा की। केवल घोषणा तक सीमित न रहते हुए, सत्र के पहले ही दिन 20,552 करोड़ रुपये का तत्काल प्रावधान कर अपने शब्दों को कार्य का रूप दिया।
सम्बंधित ख़बरें
NEET छात्र आंदोलन में शामिल होंगे मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल, आज ही पहुंचेंगे जंतर मंतर
देवेंद्र फडणवीस का सीएम पद पर 3 बार का ऐतिहासिक सफर, 2014 की शुरुआत से 2024 की भव्य वापसी तक की पूरी टाइमलाइन
Navabharat Nishanebaaz: नाम बदलने का चल पड़ा दौर, कर्तव्य पथ से सेवातीर्थ की ओर
बूथ कार्यकर्ता से मुख्यमंत्री तक, देवेंद्र फडणवीस का वह सफर जो हर किसी के लिए प्रेरणा है
राज्य के 7.5 हॉर्सपावर तक के कृषि पंप उपयोग करने वाले किसानों के 48,000 करोड़ रुपये के पुराने बकाये बिजली बिलों को पूरी तरह माफ करने की घोषणा की। किसानों तक समय पर बीज व खाद का स्टॉक पहुंचाने का उनका निर्णय किसानों के प्रति उनकी गहरी आत्मीयता और आत्मीय पारिवारिक लगाव को स्पष्ट करता है। देवेंद्र जी के मार्गदर्शन के कारण ही हमारे राजस्व विभाग ने ‘राजमाता जिजाऊ महिला सशक्तिकरण योजना की घोषणा की है।
देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व की जमकर सराहना
आत्महत्या पीड़ित किसानों की विधवा के स्वयं सहायता समूहों को इसमें विशेष प्राथमिकता दी जाएगी, यह प्रयास मैंने किया है। इसके अलावा, आम जनता के दैनिक जीवन में उपयोगी साबित होने वाले 50 से अधिक निर्णय हमने लिए हैं, जो केवल देवेंद्र जी की पहल के कारण ही संभव हो सके, देवेंद्र जी एक अत्यंत ‘डाटा-ड्रिवन’ (आंकड़ों पर आधारित) और अध्ययनशील नेता हैं।
मंत्रालय की फाइलों का अध्ययन हो, बजट के प्रावधान हों या किसी पेचीदा कानून का मसौदा, उसमें छिपी तकनीकी खामियों और आम जनता के हित की बातों को वे तुरंत भांप लेते हैं। उनके नेतृत्व का दूसरा बड़ा सबल पहलू उनकी अद्भुत ‘निर्णय क्षमता’ है। प्रशासन पर नियंत्रण कैसा होना चाहिए और लोक-कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक कैसे पहुंचाया जाए, इसका सटीक कौशल उनके पास है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने जिस स्तर की राजनीति की है, उसने देशभर में महाराष्ट्र का मस्तक ऊंचा किया है। मेरा सौभाग्य है कि मुझे उनके मंत्रिमंडल में राजस्व मंत्री के रूप में राज्य की सेवा करने का और उनके जैसे उत्तुंग नेता के मार्गदर्शन में काम करने का अवसर मिला। देवेंद्र जी का नेतृत्व महाराष्ट्र को दीर्घकाल तक मार्गदर्शित करता रहेगा और उनके ही कुशल नेतृत्व में हमारा महाराष्ट्र देश में प्रथम स्थान पर सदैव कायम रहेगा।
यह भी पढ़ें:-Navabharat Nishanebaaz: नाम बदलने का चल पड़ा दौर, कर्तव्य पथ से सेवातीर्थ की ओर
ओजस्वी एवं तेजस्वी नेतृत्व
महाराष्ट्र आज प्रगति के एक ऐसे पड़ाव पर खड़ा है, जहां विश्वस्तरीय बुनियादी डांचे और ग्रामीण विकास के बीच सटीक संतुलन साधना अत्यंत आवश्यक है। यह संतुलन कैसे बनाया जाए, इसका स्पष्ट दृष्टिकोण मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास है। छत्रपति शिवाजी महाराज और भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों की विरासत को आगे बढ़ाने वाला यह एक अत्यंत ओजस्वी एवं तेजस्वी नेतृत्व है।
लेख- महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के द्वारा
