Navabharat Nishanebaaz: जांच एजेंसी सोई ओढ़कर शाल, सिर्फ विपक्ष के खिलाफ इस्तेमाल
ED CBI Debate: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के सवालों के बहाने जांच एजेंसियों, सत्ता और विपक्ष की राजनीति पर निशानेबाज का तीखा व्यंग्य, जिसमें 'वॉशिंग मशीन' से लेकर 'योगनिद्रा' तक का तंज शामिल
- Written By: अंकिता पटेल
(सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
Political Agencies Satirical Commentary: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राम मंदिर चंदा चोरी और दिल्ली में छात्रों से बर्बरता के मुद्दों को उठाते हुए सवाल किया कि ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स समेत जांच एजेंसियां कहां हैं और उनके अधिकारी कहां सो रहे हैं?’
हमने कहा, ‘सोना प्रकृति का नियम है। थका-हारा व्यक्ति कहीं भी सो जाता है। कहते हैं- नींद न जाने टूटी खाट, भूख न जाने बासी भात! डॉक्टर भी पदाचोरी लोगों को कम से कम 7 घंटे सोने की सलाह देते हैं। मिनिट की झपकी लंच के बाद 10 ED पावर नैप कहलाती है। इससे व्यक्ति तरोताजा हो जाता है। इस समय चातुर्मास है। भगवान विष्णु भी 4 माह के लिए शेषशव्या पर योगनिद्रा में मग्न हैं। जांच एजेंसियों को भी सोने दो।
जब सरकार को लगेगा कि विपक्षी नेता हाथ धोकर उसके पीछे पड़ गए हैं तो अपने बचाव के लिए जांच एजेंसियों को जगाकर सक्रिय कर देगी, तब एजेंसियां पूरे फॉर्म में आ जाएंगी। विपक्षी नेताओं और उनके समथकों के घरों, ऑफिसों व अन्य ठिकानों पर छापे मारे जाएंगे, तलाशी ली जाएगी और कई घंटों तक कड़ी पूछताछ की जाएगी। विपक्ष नेता से पूछा जाएगा बताओ, जेल जाओगे या बीजेपी की फ्रंट लोड वाली वॉशिंग मशीन में धुलकर बेदाग होना चाहोगे? सरकार के समर्थक बनकर सेफ हो जाओ और नमो-नमो जपना शुरू कर दो।’
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पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, सत्ता के सामने सयानापन नहीं चलता। सत्ताधीश अपने विरोधियों को सबसे पहले अंदर कर देते हैं। जांच एजेंसियां बगैर ठोस सबूत, मनमाने आरोप लगा देती हैं। बाद में कोर्ट बेदाग बरी कर देता है। केजरीवाल, मनीष सिसोदिया के साथ यही हुआ। सरकार के पास अलादीन का चिराग है जिसे रगड़ते ही जांच एजेंसी रूपी जिन्न प्रकट होता है।
वह पूछता है क्या हुक्म है मेरे आका, कहां डालना है छापा ? किसका घमंड करना है चूर, दलबदल के लिए किसे करना है मजबूर ? बताइए किस पार्टी को तोड़ना है, आपको किससे नाता जोडना है। किस विपक्षी नेता की खत्म करनी है अकड़ और बनाए रखनी है आपकी मजबूत पकड़? सत्ताधीश कहेंगे रहो पूरी तरह तैयार, सोचकर बताएंगे कि कब किस निशाने पर करना है वार!’
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा
