महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: सरकारी सेवाएं होंगी पूरी तरह डिजिटल, फाइल मंजूरी सिर्फ 3 स्तर तक सीमित
Maharashtra Government News: महाराष्ट्र सरकार ने प्रशासनिक सेवाओं को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए 5 सुधार लागू किए हैं। डिजिलॉकर के जरिए सत्यापन होगा और फाइलें 3 स्तरों में पास होंगी।
- Written By: रूपम सिंह
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
Maharashtra Digital Governance: महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तेज और नागरिकों के लिए आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सभी प्रशासनिक विभागों में ‘प्रक्रिया पुनर्गठन’ के तहत 5 महत्वपूर्ण सुधार लागू करने का आदेश जारी किया है। इन बदलावों का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों के चक्कर कम करना, फाइलों की मंजूरी में देरी घटाना और लोगों तक सेवाएं तेजी से पहुंचाना है। सरकार के नए आदेश के अनुसार सभी प्रशासनिक विभागों में ऑनलाइन सत्यापन और डिजिटल प्रमाणीकरण प्रणाली लागू की जाएगी।
इसके तहत सरकारी डेटाबेस और डिजिटल प्लेटफॉर्म से नागरिकों की जानकारी स्वतः प्राप्त की जाएगी जिससे आवेदन प्रक्रिया सरल और तेज होगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद नागरिकों को दस्तावेज जमा करने के लिए सरकारी कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी। डिजिलॉकर और एपीआई इंटरऑपरेबिलिटी के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज सीधे डिजिटल रूप में प्राप्त किए जाएंगे।
अधिकारी की जिम्मेदारी होगी तय
सरकार ने निर्णय प्रक्रिया को तेज करने के लिए फाइलों की मंजूरी अधिकतम 3 प्रशासनिक स्तरों तक सीमित करने का फैसला किया है, प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी स्पष्ट तय की जाएगी, ताकि फाइलें बिना कारण लंबित न रहे।
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आवेदन निपटाने में लगेगा काफी कम समय
राइट टू सर्विसेस (सेवा का अधिकार) कानून के तहत अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग कर आवेदन प्रक्रिया का समय काफी कम किया जाएगा। नागरिकों को सेवाएं तय समय में मिल सकेंगी।
मुख्य सचिव करेंगे निगरानी
- पूरे डिजिटल बदलाव और नई कार्यप्रणाली की निगरानी मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्यस्तरीय जीपीआर अनुमोदन समिति करेगी।
- वहीं सरकारी पोर्टलों में आवश्यक तकनीकी बदलाव और डिजिटल ढांचे के विकास की जिम्मेदारी महा-आईटी को सौंपी गई है।
