मुंबई पुनर्विकास घोटाला: 42.96 करोड़ की कथित धोखाधड़ी की जांच EOW के हवाले, 24 आरोपी रडार पर

Mumbai EOW Investigates: चिंचपोकली (परेल) की पुनर्विकास परियोजना में 42.96 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले की जांच मुंबई EOW ने शुरू की। 24 आरोपियों की भूमिका की होगी जांच।
Mumbai EOW initiates probe into a ₹42.96 crore redevelopment scam in Parel; 24 entity directors, banks, and institutions named in FIR.
मुंबई EOW सांकेतिक फोटो (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Mumbai EOW Investigates Parel Redevelopment Fraud: मुंबई शहर की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने परेल (चिंचपोकली) स्थित चार इमारतों की पुनर्विकास परियोजना में 42.96 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले की जांच शुरू कर दी है। इस मामले में निर्माण कंपनी, उसके निदेशकों, वित्तीय संस्थानों और बैंकों सहित 24 आरोपियों को जांच के दायरे में रखा गया है।

आरक्षित फ्लैट बेचने और लोन लेने का आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार आरोप है कि पुनर्वास के लिए आरक्षित फ्लैटों को कथित रूप से अवैध तरीके से बेचा गया। साथ ही इन्हीं संपत्तियों के आधार पर भारी राशि के ऋण भी प्राप्त किए गए। इन आरोपों के चलते परियोजना में वित्तीय अनियमितताओं की जांच की जा रही है।

अदालत के निर्देश पर दर्ज हुआ मामला

यह मामला मजगांव अदालत के निर्देश पर कालाचौकी पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और महाराष्ट्र ओनरशिप फ्लैट्स एक्ट (MOFA) के तहत दर्ज किया गया था। बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंप दी गई।

सोसायटी सचिव की शिकायत पर कार्रवाई

मामले की शिकायत श्रीमोतंका टेनेंट्स को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी के सचिव प्रदीप सावंत ने दर्ज कराई थी। शिकायत में पुनर्विकास परियोजना से जुड़े वित्तीय लेन-देन और पुनर्वास फ्लैटों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।

दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की होगी जांच

EOW अब परियोजना से जुड़े दस्तावेजों, फ्लैट आवंटन, बैंक ऋण और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच करेगी। जांच के आधार पर आरोपियों की भूमिका तय की जाएगी और साक्ष्य मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।