संपादकीय: वेनेजुएला पर हमला… अमेरिका की मनमानी, महाशक्तियों का दखल और आरोपों की राजनीति
Global Politics: महाशक्तियां अपने हितों के लिए आरोपों को हथियार बनाती हैं। अमेरिका, रूस और ब्रिटेन के उदाहरण बताते हैं कि युद्ध और कब्जे के लिए पहले बहाने गढ़े जाते हैं।
- Written By: आकाश मसने
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व वेनेजुएला पर (डिजाइन फोटो)
Venezuela US War: अगर हमला करने की नीयत हो तो महाशक्तियां अपने शिकार पर कोई न कोई इल्जाम लगाने में पीछे नहीं रहतीं। अमेरिका लंबे समय से दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला को सबक सिखाना चाहता था, क्योंकि वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो उसके सामने झुकने को तैयार नहीं थे। मादुरो पर अमेरिका में ड्रग का धंधा या नाकों टेररिज्म बढ़ाने का आरोप लगाकर ट्रंप ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास सहित कई शहरों पर हवाई हमला करवाया। अमेरिकी फौज ने मादुरो व उनकी पत्नी को आधी रात में घसीटकर बाहर निकाला और गिरफ्तार किया, वह उन्हें न्यूयॉर्क ले जाएगी, जहां उन पर नशे के व्यापार पर केस चलेगा और सजा होगी। ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला में फिलहाल अमेरिका ही सत्ता संभालेगा।
अमेरिका तीन दशक पहले भी कर चुका है ये काम
इसी तरह 3 दशक पूर्व अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने अपने देश में नशे का कारोबार फैलाने के आरोप में पनामा के राष्ट्रपति नरेगा को गिरफ्तार कर उम्रकैद की सजा दी थी। अमेरिकी सीक्रेट एजेंट पनामा से नरेगा को पकड़कर अमेरिका लाए थे।
अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिखा दिया कि वह भी इतने शक्तिसंपन्न हैं कि किसी देश के राष्ट्रपति को भी मुश्कें बांधकर अपने यहां ला सकते हैं। अब डर है कि कहीं वह मेक्सिको पर भी ऐसी कार्रवाई न करें क्योंकि वहां से बड़ी तादाद में अवैध प्रवासी अमेरिका में घुसपैठ करते हैं। ट्रंप ने पिछली बार मेक्सिको बॉर्डर पर ऊंची दीवार बनाने की बात कही थी। इसी प्रकार डेनमार्क की नाराजगी की परवाह न करते हुए ट्रंप ग्रीनलैंड पर भी कब्जा कर सकते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Green Card Rule: अमेरिका का नया और सख्त नियम, ग्रीन कार्ड के लिए अब वापस लौटना होगा स्वदेश
Ivanka Trump Assassination: इवांका ट्रंप को मारने की फिराक में था ईरानी आतंकी अल-सादी, साजिश का बड़ा पर्दाफाश
अमेरिका के खुफिया विभाग की निदेशक तुलसी गबार्ड ने दिया इस्तीफा, ट्रंप के साथ मीटिंग में दी जानकारी
पाकिस्तानियों पर चढ़ा कॉकरोच का बुखार, CJP की देखा-देखी बना ली अपनी कॉकरोच अवामी पार्टी, पर कर दी ये बड़ी गलती
अमेरिका कैसे लगाता है आरोप?
अमेरिका ने इराक पर हमला करने के लिए सद्दाम हुसैन पर आरोप लगाया था कि वह केमिकल व बायोलॉजिकल शस्त्र बना रहे हैं। सद्दाम का सफाया कर दिया गया, लेकिन ऐसा कोई शस्त्र वहां नहीं पाया गया। अमेरिका ने ईरान की तेल कंपनियों पर अपना कब्जा बरकरार रखने के लिए वहां के लोकप्रिय प्रधानमंत्री मुसद्दिक की हत्या करवाई थी और ईरान के शाह रजा पहलवी को वहां का शासन सौंपा था।
यह भी पढ़ें:- 5 जनवरी का इतिहास : क्रिकेट का पहला वनडे मैच, परमाणु हमले का गवाह, जानें आज का दिन क्यों है खास
ब्रिटेन की आयरन लेडी कहलाने वाली तत्कालीन प्रधानमंत्री मारग्रेट थैचर ने अपने देश से बहुत दूर फाकलैंड द्वीप पर कब्जा दिखाने के लिए अर्जेंटीना से युद्ध किया था। इस वॉर मे ब्रिटेन के काफी संसाधन खर्च हुए थे। ऐसी ही अकड़ के चलते रूस-यूक्रेन युद्ध लगातार जारी है। रूस ने यूक्रेन पर आरोप लगाया कि उसने पुतिन के मास्को स्थित सरकारी निवास पर हवाई हमला किया। जब रूस की वायुरक्षा प्रणाली इतनी मजबूत है तो वहां यूक्रेन का मिसाइल या ड्रोन कैसे आ सकता है? असली बात यह है कि हमले का बहाना खोजने के लिए मनमाने आरोप लगाए जाते हैं।
लेख-चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा
