( सोर्स: सोशल मीडिया )
Jaipur Airport Dog Bite: अब एयर पैसेंजरों को कुत्तों-चूहों से भी जूझना पड़ रहा है। हालत इतनी खराब है कि खुद मानवाधिकार आयोग को संज्ञान लेना पड़ रहा है। उसकी टिप्पणी देखिए- इजराइली पर्यटक पर श्वान का हमला अशोभनीय है तथा पर्यटकों का स्वागत कुत्तों के हमलों से हो यह ठीक नहीं है।
अब इसके बाद और कौन सी टिप्पणी तथा हादसा देखने के लिए शेष रह गया है? जयपुर के सांगानेर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 15 फरवरी को दिल्ली से आई महिला पर्यटक को एयरपोर्ट से बाहर आते समय अराइवल एरिया में एक आवारा कुत्ते ने काट लिया। बाद में उसे उपचार के दौरान टांके लगाए गए। सितंबर 2025 में इंदौर में भी ऐसी ही घटना घटित हुई।
यहां के एयरपोर्ट पर भोपाल निवासी अरुण मोदी को उस वक्त चूहे ने उनकी पैंट में घुसकर काट लिया था, जब वह एयरपोर्ट के ग्राउंड फ्लोर पर डिपार्चर हाल में अपनी पत्नी के साथ इंतजार कर रहे थे।
अरुण मोदी को टिटनेस का टीका लगाने के लिए भारी जद्दोजहद करनी पड़ी। कुत्तों से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट सीधा कह चुका है कि उन्हें सार्वजनिक स्थानों से हटाया जाए, और उनकी नसबंदी की जाए।
इस आदेश का कितना पालन हो रहा है, यह भी जयपुर में देखा जा सकता है। जब एयरपोर्ट पर कुत्ता विदेशी महिला को काट रहा था, तब यहां के दो पशु चिकित्सक कुत्ता नसबंदी में घपलेबाजी के लिए 15 लाख रुपये की मांग कर रहे थे।
भारत में एयरपोर्ट और एयरलाइंस अब यात्रियों के लिए सिरदर्द से ऊपर माइग्रेन बनती जा रही हैं। एयरपोर्ट सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञ मानते हैं कि कुत्ते, चूहे, कॉकरोच, चिड़िया, बिल्ली, गिद्ध, सांप जैसे जीव-जंतु हवाई जहाज यात्रा के लिए बहुत बड़े खतरे हैं।
अगर कुत्ता किसी रनवे में हवाई जहाज से टकरा जाए तो विमान दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना से इनकार नहीं कर सकते। टेक ऑफ या लैंडिंग भी रोकनी पड़ सकती है। अगर जरा सी चूक हो गई तो सैंकड़ों यात्रियों की जान जाने का भी खतरा है।
यह सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान है। अगर कभी किसी दूसरे देश के राष्ट्राध्यक्ष के दौरे के समय या फिर किसी अन्य वीवीआईपी की यात्रा के दौरान किसी कुत्ते के काटने या उनके विमान में चूहे आदि के घुस जाने की घटना होती है, तो क्या होगा? जब एयरपोर्ट पर आवारा जानवर आना आम हो तो क्या गारंटी है कि वह वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान नहीं आएगा? यात्रियों का झगड़ा करना, सहयात्री पर पेशाब कर देना, महिलाओं के साथ छेड़खानी, शराब के नशे में क्रू-मेंबर से बदतमीजी, पायलट के केबिन में घुसने का प्रयास, दरवाजा खोलने की कोशिश जैसे मामले तो आम हादसों में आते हैं।
पर जब मानवाधिकार आयोग को एयरपोर्ट के जिम्मेदार कर्मचारियों को फटकारना पड़े तो समझ में आता है कि मामला कितना गंभीर और लापरवाही भरा रहा होगा। जयपुर और इंदौर दोनों ही शहर दुनिया में अपनी पहचान रखते हैं। जयपुर जहां पर्यटन का महत्वपूर्ण केंद्र है, वहीं इंदौर भारत का सबसे साफ शहर है।
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यहां पर अगर पर्यटकों का कुत्तों के काटने, चूहों के कपड़ों में घुस जाने से स्वागत होगा, तो वह अपने देश या शहर में जाकर भारत को किस तरह से प्रेजेंट करेंगे? देश की हवाई यात्रा व्यवस्था इस समय कर्मचारियों की कमी से जूझ रही है, क्रू-मेंबर्स तथा पायलट काम के बोझ से मानसिक तनाव में हैं, ड्यूटी टाइम को लेकर रोज झगड़े होते हैं, एयरकर्मी गिरती सेहत के कारण चिड़चिड़े हो रहे हैं, वेतन काम के आधार पर आधा है, जॉब सिक्योरिटी में झोल है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था बस अड्डों जैसी हो जाए।
पूरे देश में हवाई अड्डों का जाल बिछ रहा है, भारत का सबसे बड़ा जेवर का हवाई अड्डा भी जल्दी ही आरंभ होगा। ऐसे में यात्रियों के महंगी यात्रा करने के बाद भी अगर एयरपोर्ट आवारा जानवरों से यात्रियों को महफूज नहीं रख सकते, तो एयर पैसेंजर एयरपोर्ट पर कैसे पढ़ पाएंगे ‘मुस्कुराइए कि आप एयरपोर्ट पर है?
–लेख मनोज वाष्र्णेय के द्वारा