Pune Airport Project ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Pune Airport Project: पुणे के महत्वाकांक्षी पुरंदर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना की सुस्त पड़ी रफ्तार को अब नई दिशा मिलने वाली है। पिछले कई वर्षों से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में उलझी यह परियोजना अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है।
राज्य मंत्रिमंडल ने परियोजना की जटिलताओं को दूर करने के लिए एक ‘स्पेशल सेल’ (विशेष प्रकोष्ठ) स्थापित करने का बड़ा निर्णय लिया है। यह सेल राजस्व विभाग और जिला प्रशासन के बीच समन्वय बिठाकर अधिग्रहण की बाधाओं को दूर करने का काम करेगा। हवाई अड्डे के लिए प्रस्तावित सात गांवों के किसानों में बढ़ते असंतोष को देखते हुए प्रशासन ने मुआवजे की नीति पर भी अपना रुख स्पष्ट किया है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार अब बाजार मूल्य के आधार पर संशोधित और आकर्षक मुआवजा देने के लिए सैद्धांतिक रूप से तैयार है। इसके साथ ही, पुनर्वास प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए एक स्वतंत्र समन्वय समिति नियुक्त करने के संकेत दिए गए हैं, जो स्थानीय नागरिकों और प्रशासन के बीच सेतु का कार्य करेगी।
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सरकारी स्तर पर हवाई अड्डे को लेकर गतिविधियां तेज हो गई है। लेकिन इस संबंध में किसानों को विश्वास में लेकर निर्णय लिया जाना अपेक्षित है। किसान इस पूरी प्रक्रिया में एक बेहद महत्वपूर्ण घटक है।
– स्थानीय किसान, के. डी. गिरमे
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से सैद्धांतिक मान्यता मिलने के बाद अब केंद्र और राज्य के बीच तालमेल बढ़ाने पर जोर है।
हालांकि, अंतिम फंड आवंटन और पर्यावरणीय मंजूरियों को लेकर अभी कुछ स्पष्टता शेष है।
स्थानीय किसान संगठन अपनी मांगों पर अड़े हैं; उनका कहना है कि केवल मुआवजे से काम नहीं चलेगा, बल्कि रोजगार की गारंटी और वैकल्पिक जमीन का मुद्दा भी प्राथमिकता पर होना चाहिए।