Yogini Ekadashi 2026: योगिनी एकादशी पर भूलकर भी न करें ये गलतियां, हो सकता है भारी नुकसान
Yogini Ekadashi: वैदिक पंचांग के अनुसार आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को योगिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। योगिनी एकादशी व्रत से जुड़े नियम का पालन जरूर करना चाहिए।
- Written By: रीता राय सागर
एकादशी (फोटो.सोशल मीडिया)
Yogini Ekadashi Vrat: 10 जुलाई को योगिनी एकादशी मनाई जाएगी। इस दिन भक्त भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं। साथ ही उपवास करते हैं। योगिनी एकादशी व्रत करने से जीवन में सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
कहा जाता है कि योगिनी एकादशी का व्रत विधि-विधान से करने से 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है। एकादशी तिथि के दिन भगवान श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा आराधना करने से जीवन में चल रही तमाम तरह की परेशानियों से मुक्ति मिलती है, साथ ही भगवान विष्णु और धन की देवी मां लक्ष्मी का आशीर्वाद भी बना रहता है।
एकादशी व्रत का समय
योगिनी एकादशी व्रत- 10 जुलाई 2026 शुक्रवार
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व्रत की शुरुआत- 9 जुलाई, गुरुवार की शाम 7 बजकर 46 मिनट
व्रत का समापन- 10 जुलाई, शुक्रवार की शाम 4 बजकर 52 मिनट
पारण का समय- 11 जुलाई, शनिवार को सुबह 5.49 बजे से 8.39 बजे तक
योगिनी एकादशी के दिन इन नियमों का करें पालन
- योगिनी एकादशी के दिन स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें।
- मंदिर की सफाई करें।
- देसी घी का दीपक प्रज्वलित कर भगवान की पूजा करें।
- मंत्रों का जप करें।
- तुलसी की पूजा करें।
- योगिनी व्रत कथा का पाठ करें।
- भगवान की आरती करने के बाद भोग लगाएं।
- आखिरी में अधिक से अधिक लोगों को प्रसाद का वितरण करें।
योगिनी एकादशी पर इन चीजों को भूलकर भी न करें
- एकादशी के दिन चावल और तामसिक चीजों को नहीं खाना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इन गलतियों के करने से व्रत सफल नहीं होता है।
- किसी से लड़ाई-झगड़ा न करें।
- घर में गंदगी न करें।
- साफ-सफाई का खास ध्यान रखें।
- काले वस्त्र भूलकर भी न धारण न करें।
- मन में किसी के बारे में गलत न सोचें।
- एकादशी तिथि पर तुलसी के पत्ते तोड़ने की मनाही है। ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती है।
योगिनी एकादशी के अगले दिन इन चीजों का करें दान
- पीले रंग का वस्त्र दान करें। पीला रंग भगवान विष्णु को अतिप्रिय है, इसलिए पीले रंग का वस्त्र घर में बड़ों को भी दे सकते हैं।
- आटा का दान कर सकते हैं।
- चावल के दान से सभी पापों से मुक्ति मिलती है।
- एकादशी के अगले दिन खीर का दान करने से रिश्तों में चल रही कड़वाहट दूर होती है। इसे प्रसाद की तरह भी वितरित किया जा सकता है।
- आर्थिक रूप से संपन्न लोग इस दिन चांदी के सिक्कों को भी दाव स्वरूप दे सकते हैं। इससे घर धन-धान्य से परिपूर्ण रहता है।
