इफ्तार में खजूर (सौ.सोशल मीडिया)
Islamic Fasting Rules: इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना रमजान जल्द ही शुरू होने वाला है। यह महीना मुस्लिम समुदाय के लिए इबादत, आत्म-संयम और दान-पुण्य का होता है। रमजान में रोजा रखना, नमाज अदा करना, दान-पुण्य करना और आत्मसंयम रखना बेहद पुण्य कार्य माना जाता है। इस दौरान सहरी और इफ्तार की विशेष अहमियत दी जाती है।
इफ्तार के समय अधिकतर लोग सबसे पहले खजूर खाकर रोज़ा खोलते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर रोजा खजूर से ही क्यों खोला जाता है? इसके पीछे धार्मिक मान्यता के साथ-साथ वैज्ञानिक कारण भी जुड़े हुए हैं।
इस्लामिक मान्यता के अनुसार, रोजा खजूर खाकर खोलना सुन्नत यानी शुभ माना जाता है। इस्लामिक धर्म ग्रथों के अनुसार, हजरत मुहम्मद को खजूर बेहद प्रिय था और वे रोजा खोलते समय सबसे पहले खजूर का सेवन करते थे।
इसी वजह से मुस्लिम समुदाय में यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और आज भी लोग इफ्तार की शुरुआत खजूर से करना शुभ और पुण्यकारी मानते हैं।
पूरा दिन रोज़ा रखने के बाद शरीर में ग्लूकोज का स्तर कम हो जाता है। खजूर में मौजूद प्राकृतिक शुगर तुरंत ऊर्जा देकर कमजोरी दूर करने में मदद करती है।
खजूर में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो लंबे समय तक खाली पेट रहने के बाद पाचन प्रक्रिया को सामान्य करने में सहायक है।
रोज़े के दौरान लंबे समय तक पानी नहीं पिया जाता। खजूर आवश्यक पोषक तत्व प्रदान कर शरीर को संतुलित रखने में मदद करता है।
खजूर में मौजूद विटामिन और मिनरल्स शरीर को ताकत देते हैं, जिससे सिरदर्द और थकान कम हो सकती है।
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