Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

Chardham Yatra: आखिर क्यों यमुनोत्री से ही होती चारधाम यात्रा की शुरूआत, जान लीजिए इसके धार्मिक और भौगोलिक कारण

चार धाम की यात्रा को लेकर एक सवाल जरूर सामने आता है कि, आखिर ऐसा क्यों हर साल होता है कि, चार धाम यात्रा की शुरूआत यमुनोत्री के द्वार से होती है। इसकी शुरूआत किसी और धाम से भी हो सकती है।

  • By दीपिका पाल
Updated On: Apr 27, 2025 | 06:57 AM

यमुनोत्री से क्यों होती है चार धाम यात्रा की शुरूआत (सौ. डिजाइन फोटो)

Follow Us
Close
Follow Us:

Chardham Yatra: हिंदू धर्म में तीर्थ यात्राओं का महत्व होता है। इसमें अक्षय तृतीया के दिन यानि 30 अप्रैल से चारधाम य़ात्रा की शुरूआत होने वाली है। यहां पर चार धाम यात्रा में शामिल होने के लिए लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिए है तो कुछ लोग कर रहे है। यमुनोत्री, गंगोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ धामों को मिलाकर चार धाम की यात्रा संपन्न होती है। चार धाम की यात्रा को लेकर एक सवाल जरूर सामने आता है कि, आखिर ऐसा क्यों हर साल होता है कि, चार धाम यात्रा की शुरूआत यमुनोत्री के द्वार से होती है। इसकी शुरूआत किसी और धाम से भी हो सकती है।

इस सवाल का जवाब जानने के लिए आप इसके पीछे छिपे धार्मिक और भौगोलिक कारणों के बारे में जान सकते है चलिए जानते है इसके बारे में…

पौराणिक कथा में जानिए चारधाम यात्रा का रहस्य

चार धाम यात्रा को लेकर पौराणिक कथा में वर्णन मिलता है। इसके अनुसार, यमुनोत्री धाम माता यमुना का उद्गम स्थान माना जाता है जो कि, यमराज की बहन और भय से मुक्ति प्रदान करती हैं। यमुनौत्री के महत्व को लेकर पौराणिक कथा कहती है कि, एक बार यम भाईदूज के दिन अपनी बहन यमुना से मिलने गए थे। यमराज ने अपनी बहन यमुना को आशीर्वाद दिया था कि जो भी तुम्हारे जल से स्नान करेगा उसके पाप नष्ट हो जाएंगे, मृत्यु के भय से मुक्ति मिलेगी और उसे मोक्ष प्राप्त होगा। इसलिए यमुनोत्री में पाप विमोचन करने के बाद ही चारधाम की यात्रा करना शुभ माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, यमुनोत्री से यात्रा शुरू करने पर चारधाम यात्रा में किसी भी प्रकार की रुकावट भक्तों को नहीं आती।

सम्बंधित ख़बरें

जोशीमठ आर्मी कैंप में आग का तांडव, ऊंची लपटें देख सहमे लोग; बुझाने का काम जारी- VIDEO

‘हम न चीनी हैं, न मोमो’, देहरादून में छात्र की हत्या पर छलका मंत्री का दर्द, दी अनूठी सजा की सलाह

बिजली कटौती से परेशान होकर खंभे पर चढ़े विधायक, काट दी अधिकारियों की लाइट, देखें VIDEO

‘मैं मुल्ली हूं, चला दो बुलडोजर…’, आंदोलन में महिला का VIDEO वायरल, धामी सरकार का बड़ा फैसला

क्या कहता है धार्मिक कारण

यमुनौत्री में चारधाम की शुरूआत को लेकर एक धार्मिक कारण यह भी कहता है कि, पश्चिम से पूर्व की ओर धार्मिक यात्रा करना शुभ होता है। पश्चिम से पूर्व की ओर दक्षिणावर्त यात्रा शुभ फलदायी मानी गयी है। इसलिए चारधाम यात्रा हमेशा यमुनोत्री से ही की जाती है। यमुनोत्री में डुबकी लगाने के बाद भक्तों को आगे बढ़ना चाहिए।

धर्म की खबरें जानने के लिए क्लिक करें…

इसके पीछे छिपा है एक भौगोलिक कारण

बताया जाता है कि, जिस तरह से चार प्रहर होते है वैसे ही चारधाम यात्रा में चार प्रमुख तीर्थ यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ आते है जिनका अलग महत्व होता है। भौगोलिक स्थिति के अनुसार बात करें तो,  यमुनोत्री चारधाम यात्रा के दौरान पश्चिम में पड़ता है इसके बाद ही अन्य धाम आती हैं। इसलिए भौगोलिक स्थिति को समझते हुए स्वाभाविक रूप से यमुनोत्री से ही यात्रा शुरू होती है।

Why does the char dham yatra start from yamunotri only

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Apr 27, 2025 | 06:57 AM

Topics:  

  • Char Dham Yatra
  • Kedarnath Dham
  • Uttrakhand

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.