

Sawan 2025: हिन्दू धर्म में सावन महीना का बड़ा महत्व हैं। यह पवित्र महीना भोलेनाथ को समर्पित माह होता है। इस महीने हिन्दू भक्त देवों के देव महादेव को प्रसन्न करने के लिए सावन सोमवार व्रत रखते हैं। ऐसी मान्यता है कि सावन महीने में पड़ने वाले सोमवार व्रत रखने से भोलेनाथ अति शीघ्र अपने भक्तों से प्रसन्न होकर उनकी हर मनोकामना को पूरी करते हैं।
आपको बता दें, भोलेनाथ के प्रति अपनी भक्ति और विश्वास व्यक्त करने के लिए हर कोई सावन सोमवार का व्रत करना चाहता है, लेकिन कई लोगों को इस व्रत को नहीं करना चाहिए, आइए जानते हैं किन लोगों को यह व्रत नहीं रखना चाहिए, साथ ही जानें व्रत को ना रखने की वजह।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन महिलाओं को मासिक धर्म यानी पीरियड्स हो रहा है उन महिलाओं को सावन में सोमवार का व्रत नहीं रखना चाहिए। मासिक धर्म में स्त्रियों को पवित्र कार्य और पूजा-पाठ से दूर रहना चाहिए। अगर किसी ने 16 सोमवार व्रत का संकल्प लिया है तो वह सोमवार के व्रत कर सकती हैं लेकिन पूजा की चीजों को हाथ लगाने से बचें। मासिक धर्म के समय में महिलाएं मानसिक पूजा-पाठ कर सकती हैं।
आपको बता दें, सावन में सोमवार का व्रत उन लोगों को नहीं करना चाहिए। जो दिल के मरीज, डायबिटीज़, किडनी की बीमारी, या कोई भी पुरानी बीमारी हो तो उपवास से हालत बिगड़ सकती हैं। ऐसे लोंगो को सावन सोमवार का व्रत नहीं रखना चाहिए।
बता दे, बच्चों का विकास और पोषण उपवास से प्रभावित हो सकता हैं। इसीलिए बच्चे अपनी क्षमता के अनुसार व्रत को देखें और तभी रखें।
जो लोग सावन में सोमवार का व्रत रखने के लिए सक्षम नहीं है वो लोग सिर्फ शिवजी का पूजन, रुद्राभिषेक और मंत्रजाप करें। ऐसा करने से भी भोलेनाथ की आराधना का शुभ फल प्राप्त होता है।
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गर्भवती महिलाओं को भी व्रत नहीं रखना चाहिए। इस दौरान सावन के सोमवार के व्रत ना करें। गर्भावस्था के दौरान सावन के सोमवार के व्रत ना करें। उपवास से कमजोरी, चक्कर, या पोषण की कमी हो सकती है। इसीलिए इस दौरान गर्भवती महिलाएं व्रत ना करें तो अच्छा है।