माघ पूर्णिमा ( सौ.सोशल मीडिया)
Maghi Purnima 2025: 12 फरवरी को माघ पूर्णिमा मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में माघ पूर्णिमा तिथि का बड़ा महत्व है। माघ पूर्णिमा का दिन स्नान-दान के लिए बहुत शुभ माना गया है। इस पूर्णिमा को माघी पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस वर्ष की माघी पूर्णिमा खासतौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दिन महाकुंभ में पवित्र स्नान का आयोजन होगा। यह दिन माघ स्नान का अंतिम दिन होता है और इसी दिन कल्पवास का समापन भी होता है।
माघ पूर्णिमा के दिन तुलसी की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है, लेकिन तुलसी की पूजा करते समय कुछ नियमों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। इन नियमों की अनदेखी करने पर घर से बरकत चली जाती है और भगवान विष्णु की कृपा भी प्राप्त नहीं होती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि माघ पूर्णिमा के दिन तुलसी से जुड़े किन नियमों का पालन करना चाहिए।
माघ पूर्णिमा के दिन तुलसी से जुड़े इन नियमों का पालन करना चाहिए-
1. माघ पूर्णिमा के दिन भूलकर भी तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए।
2. इस दिन तुलसी के आसपास गंदगी नहीं रखनी चाहिए।
3. इस दिन तुलसी के आसपास जूते-चप्पल नहीं रखने चाहिए।
4. माघ पूर्णिमा के दिन तुलसी पूजा के समय काले कपड़े नहीं पहनने चाहिए।
5. इस दिन सूर्यास्त के बाद तुलसी में जल अर्पित नहीं करना चाहिए।
6. माघ पूर्णिमा के दिन तुलसी में अपवित्र या अशुद्ध जल नहीं चढ़ाना चाहिए।
7. माघ पूर्णिमा के दिन तुलसी में प्लास्टिक या लोहे के बर्तन से जल नहीं डालना चाहिए।
जानिए माघ पूर्णिमा पर तुलसी पूजा के नियम
तुलसी के पौधे में ज्यादा पानी नहीं देना चाहिए।
तुलसी में जल देने के बाद कम से कम तीन बार परिक्रमा करनी चाहिए।
तुलसी की पूजा के समय महिलाओं को बाल खुले नहीं रखने चाहिए।
तुलसी की पूजा के समय बालों को बांधकर ही रखना चाहिए।
तुलसी के पौधे को जूठे और गंदे हाथों से नहीं छूना चाहिए।
तुलसी पर रविवार के दिन न तो जल चढ़ाना चाहिए और न ही दीपक जलाना चाहिए।
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तुलसी के पौधे में भूलकर भी दूध मिला पानी नहीं डालना चाहिए।
तुलसी के पौधे पर बेलपत्र, आंकड़ा या धतूरे का फूल नहीं चढ़ाना चाहिए।
तुलसी के पौधे में कभी भी तिल का तेल अर्पित नहीं करना चाहिए।