नवरात्रि में मां दुर्गा को जरूर अर्पित करें उनके प्रिय फूल, पूरी होगी हर मनोकामना
सनातन धर्म में नवरात्रि का बहुत ही अधिक महत्व है। नवरात्रि हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। नवरात्रि के दौरान माता को प्रसन्न करने के लिए भक्त 9 दिनों तक व्रत रखते हैं और मां की आराधना करते है। माता को दिन के अनुसार भोग लगाए जाते हैं और साथ ही उनके प्रिय फूल भी अर्पित करते है। कहते है,ऐसा करने पर माता रानी प्रसन्न होती है। और भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है।
- Written By: सीमा कुमारी
शारदीय नवरात्रि में फूलों का महत्व जानें (सो.सोशल मीडिया)
Shardiya Navrartri 2024: शक्ति उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्रि शुरू होने वाला है। नवरात्रि हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। पंचांग के अनुसार, इस बार शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 3 अक्टूबर 2024 से हो रही है, जो 12 अक्टूबर तक चलेगी।
बता दें, नवरात्रि का महापर्व एक या दो दिन का न होकर पूरे नौ दिनों तक मनाया जाता है और इन पूरे 9 दिनों में भक्त माता दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की बड़े ही श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना करते हैं।
नवरात्रि के दौरान माता को प्रसन्न करने के लिए भक्त 9 दिनों तक व्रत रखते हैं और मां की उपासना करते हैं। माता को दिन के अनुसार भोग लगाए जाते हैं और साथ ही उनके प्रिय फूल भी अर्पित करते हैं। ऐसे में आज आइए जानते है माता के अलग-अलग रूपों को कौन से फूल प्रिय हैं। ऐसा माना जाता है कि, अगर आप दिन के अनुसार माता को फूल अर्पित करते हैं तो आपकी हर मनोकामना पूरी होती है।
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पहला दिन
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है। कहा जाता है कि, मां शैलपुत्री को सफेद कनेर के पुष्प अति प्रिय है। इन्हें अर्पित करने से जातक के जीवन में स्थिरता आती है तनाव दूर होता है।
दूसरा दिन
मां ब्रह्मचारिणी को पूजा में वट यानी कि बरगद के पेड़ का फूल चढ़ाएं। इससे बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि होती है। व्यवसाय में तरक्की मिलती है।
तीसरा दिन
देवी चंद्रघंटा को शंखपुष्पी के फूल अति प्रिय है। इसलिए देवी चंद्रघंटा की पूजा शंखपुष्पी के फूल से करें। कहते हैं इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। पैसों का अभाव नहीं होता।
चौथा दिन
नवरात्रि का चौथे दिन माता कुष्मांडा को समर्पित है। माता की पूजा में चमेली के फूल या पीले रंग के फूल आपको अर्पित करने चाहिए। माता की कृपा से आपको लंबी आयु और यश की प्राप्ति होती है।
पांचवां दिन
देवी स्कंदमाता को भी पीले रंग का फूल पसंद है। इस दिन पूजा के दौरान आपको कमल का फूल माता को अर्पित करना चाहिए। मां की कृपा से आपकी मनोकमनाएं पूरी होती हैं।
छठा दिन
माता कात्यायनी को गेंदे के फूल अतिप्रिय हैं। माता की पूजा करने से शत्रु का नाश होता है। जो लोग सामाजिक स्तर पर या कार्यक्षेत्र में अपनी स्थिति को अच्छा करना चाहते हैं उन्हें माता की पूजा से लाभ मिल सकता है।
सातवां दिन
मां दुर्गा के रौद्र रूप देवी कालरात्रि को रात रानी का फूल या फिर गेंदा अर्पित करें। मान्यता है इससे शत्रुओं का सामना करने की शक्ति मिलती है।
आठवां दिन
नवरात्रि के आठवें दिन को बहुत अहम माना जाता है। इस दिन माता महागौरी की पूजा की जाती है, माता की पूजा के दौरान आपको मोगरे के फूल उन्हें अर्पित करने चाहिए। माता की कृपा से आपको समस्त सुखों की प्राप्ति होती है।
नौवां दिन
महानवमी नवरात्रि का आखिरी दिन होता है। इस दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा चंपा या गुड़हल के फूल से करनी चाहिए। इससे भक्तों को भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है।
