‘ललिता सप्तमी व्रत’ की महिमा जानिए, संतान की सुख समृद्धि के लिए इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा
Lalita Saptami :कहा जाता हैं कि ललिता सप्तमी का व्रत और पूजा करने से सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस व्रत को करने से नवविवाहित जोड़ों को स्वस्थ और सुंदर संतान प्राप्ति का भी आशीर्वाद मिलता है।
- Written By: सीमा कुमारी
ललिता सप्तमी (सौ.सोशल मीडिया)
Lalita Saptami 2025: हिंदू धर्म में व्रत और त्यौहारों का विशेष महत्व है। इन्ही में से एक ललिता सप्तमी का व्रत भी। जो हर साल भाद्रपद माह की शुक्ल सप्तमी तिथि के दिन मनाई जाती हैं। आपको बता दें, पंचांग के अनुसार, इस साल 30 अगस्त 2025, शनिवार को मनाई जाएगी। ललिता सप्तमी का व्रत हिन्दू महिलाए सौभाग्य, दीर्घायु और सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए श्रद्धापूर्वक करती हैं।
कहा जाता हैं कि ललिता सप्तमी का व्रत और पूजा करने से सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से नवविवाहित जोड़ों को स्वस्थ और सुंदर संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है।
इसके अलावा यह व्रत संतान की अच्छी सेहत और लंबी उम्र के लिए भी रखा जाता है। इस साल ललिता सप्तमी कब है और इसे कैसे मनाया जाता है, ये आप यहां से जान सकते हैं।
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ये है ललिता सप्तमी 2025 पूजा का शुभ मुहूर्त
सप्तमी तिथि का आरंभ: 29 अगस्त 2025, शुक्रवार को रात 10 बजकर 45 मिनट से।
सप्तमी तिथि का समापन: 30 अगस्त 2025, शनिवार को रात 11 बजकर 30 मिनट पर होगा।
ललिता सप्तमी की पूजा का सबसे शुभ समय ब्रह्म मुहूर्त माना जाता है, जो सूर्योदय से पहले का समय होता है।
कैसे करें ललिता सप्तमी व्रत की पूजा
- ललिता सप्तमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
- पूजा स्थल को साफ करें और एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं।
- देवी ललिता की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
- पूजा शुरू करने से पहले, देवी ललिता से व्रत का संकल्प लें।
- देवी ललिता को फूल, फल, मिठाई और अन्य सामग्री अर्पित करें।
- अगरबत्ती जलाएं और दीपक जलाएं।
- पूजा के दौरान, “ओम श्री ललितायै नमः” मंत्र का जाप करें।
- पूजा के आखिर में, देवी ललिता की आरती करें।
ललिता सप्तमी के दिन इन गलतियों को करने से बचना चाहिए :
न करें मांस-मदिरा का सेवन
ललिता सप्तमी के दिन मांस-मदिरा का सेवन बिल्कुल न करें।
न बोलें झूठ
इस दिन, झूठ बोलने से बचना चाहिए।
न करें किसी का अपमान
इस दिन किसी भी व्यक्ति का अपमान न करें।
ब्रह्मचर्य का पालन करें
ललिता सप्तमी के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।
सूर्यास्त से पहले न सोएं
इस दिन, सूर्यास्त से पहले सोने से बचें।
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क्या है ललिता सप्तमी की महिमा
सनातन धर्म में ललिता सप्तमी व्रत की महिमा अपरंपार है। शास्त्रों के अनुसार, ललिता सप्तमी का व्रत रखने से भक्तों को कई लाभ मिलते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और देवी ललिता की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यह व्रत खासतौर से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है जो विवाह, संतान प्राप्ति और सुख-समृद्धि की इच्छा रखते हैं।
