इस दिन से शुरू हो रहा है आश्विन महीना, क्या करें क्या नहीं यहां जानिए
Ashwin month: अश्विन माह की शुरुआत 8 सितंबर से शुरू हो रहा है और 21 सितंबर को समाप्त होगा। ऐसी मान्यता है कि इस महीने में सूर्य को अर्ध्य देने और भगवान श्रीहरि की पूजा करने से दुखों का अंत हो सकता है।
- Written By: सीमा कुमारी
आश्विन मास के दौरान क्या करना चाहिए (सौ.सोशल मीडिया)
Ashwin month kab se start hai: आश्विन महीने का सनातन धर्म में बहुत महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, 7वाँ महीना आश्विन होता है। धार्मिक दृष्टि से यह महीना बेहद खास माना जाता है, क्योंकि इस महीने में पितरों के साथ-साथ देवी-देवताओं का आशीर्वाद पाने का शुभ अवसर भी मिलता है।
आपको बता दें, इस वर्ष आश्विन महीना 8 सितंबर से शुरू हो रहा है और 21 सितंबर को समाप्त होगा। इस महीने में कुछ बातों का ध्यान रखना और कुछ चीजों से परहेज करना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में आइए जानते हैं आश्विन महीने में किन चीजों से परहेज करना चाहिए।
आश्विन मास के दौरान क्या करना चाहिए
- आश्विन माह के दौरान किसी भी अन्य व्यक्ति के प्रति मन में बैर की भावना नहीं रखनी चाहिए और सभी के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए।
- पूरे आश्विन मास के दौरान ध्यान रखना चाहिए कि आप कम से कम गुस्सा करें और मन को शांत रखें।
- इस दौरान दान करना शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि जो व्यक्ति दान करता है, उसे पुण्य की प्राप्ति होती है। तिल और घी का दान करना चाहिए।
- आश्विन माह के दौरान घर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
- इस महीने में मां दुर्गा सप्तशती का पाठ करना बहुत ही शुभ होता है।
- इससे घर में खुशहाली आती है और दुर्गा की कृपा घर पर बनी रहती है।
आश्विन महीने में किन चीजों से परहेज करना चाहिए
- आश्विन महीने में शारदीय नवरात्रि का त्योहार भी पड़ता है, इसलिए इस समय मांस और मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।
- इस दौरान दूध का सेवन करने और करेला खाने से परहेज करना चाहिए।
- लहसुन, प्याज, और सफेद तिल का सेवन नहीं करना चाहिए।
- इसके अलावा, लौकी, मूली और सरसों का साग नहीं खाना चाहिए। काला नमक, सत्तू, जीरा और मसूर की दाल खाने से बचना चाहिए।
- पूरे आश्विन माह में किसी भी तरह के विवाद, झगड़ा, मनमुटाव या तनाव से बचना चाहिए। इन बातों का पालन करने से आश्विन माह का महत्व और पुण्य प्राप्त होता है।
आश्विन महीने में करें ये उपाय
अगर आप पितृ दोष का सामना कर रहे हैं, तो पितृ पक्ष में पितरों की पूजा करें। साथ ही माता-पिता की सेवा और सम्मान करें। मान्यता है कि इस उपाय को करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।
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इसके अलावा पितृ दोष से छुटकारा पाने के लिए पितृ पक्ष में भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा करें। माना जाता है कि ऐसा करने से पितृ दोष दूर होता है और शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।
