डरावने सपने और अज्ञात भय से बचने के लिए ‘नरसिंह जयंती’ के दिन बस कर लें ‘ये’ उपाय, जानिए पूजा की सही तिथि और शुभ मुहूर्त
मान्यता है कि इस दिन व्रत रखकर भगवान नरसिंह या भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी शत्रुओं का नाश होता है और भय से मुक्ति मिलती है। ऐसे में आइए जानते है नरसिंह जयंती कब मनाई जाएगी और इसकी महिमा।
- Written By: सीमा कुमारी
नरसिंह जयंती (सौ.सोशल मीडिया)
Narsimha Jayanti 2025: हिन्दू धर्म में भगवान विष्णु के चौथे अवतार नरसिंह भगवान का विशेष महत्व है। हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को नरसिंह जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस साल 11 मई को नरसिंह जयंती मनाई जाएगी।
मान्यता है कि इस दिन व्रत रखकर भगवान नरसिंह या भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी शत्रुओं का नाश होता है और भय से मुक्ति मिलती है। ऐसे में आइए जानते है देवघर के ज्योतिषाचार्य से नरसिंह जयंती कब मनाई जाएगी और इस दिन क्या खास उपाय करने चाहिए?
कब है नरसिंह जयंती 2025
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आपको बता दें, पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ 10 मई, 2025 को शाम में 5:29 PM बजे हो रहा है और तिथि का समापन 11 मई, 2025 को शाम 8:01 PM बजे होगा।
पर्व, त्योहार और व्रत एक लिए मान्य उदयातिथि के आधार पर इस बार नरसिंह जयंती 11 मई, रविवार को मनाई जाएगी। वहीं, नृसिंह जयंती के दिन मध्याह्न संकल्प का समय सुबह 10:57 AM बजे से दोपहर 1:39 PM बजे तक रहेगा। बता दें, यह वह समय होता है जब व्रत का संकल्प लिया जाता है।
नरसिंह पूजा के शुभ मुहूर्त
नरसिंह भगवान सायंकाल पूजा का समय शाम 4:21 PM बजे से लेकर 7:03 PM बजे तक रहेगा, जिसकी कुल अवधि 2 घंटे 42 मिनट की होगी। यह समय भगवान नृसिंह की पूजा-अर्चना और उपवास की मुख्य अवधि मानी जाती है। इस व्रत का पारण अगले दिन, 12 मई को सुबह 5:32 AM बजे के बाद किया जाएगा, क्योंकि इस दिन चतुर्दशी तिथि सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगी।
ऐसे करें नरसिंह भगवान की पूजा विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ़ वस्त्र पहनें।
घर को साफ़ करके गंगाजल से छिड़कें।
चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान नरसिंह की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
भगवान को पंचामृत से स्नान कराएं।
भगवान को फल, फूल, धूप-दीप, चंदन, कुमकुम, अक्षत आदि अर्पित करें।
भगवान को प्रसन्न करने के लिए उनके मंत्रों का जाप करें।
भगवान के सामने घी का दीपक जलाएं।
नरसिंह भगवान की आरती करें।
पूजा के बाद भगवान को ठंडी चीज़ें जैसे दही, मक्खन, तरबूज़, सत्तू और ग्रीष्म ऋतुफल चढ़ाएं।
पूजा के बाद कुश के आसन पर बैठकर रुद्राक्ष की माला से नरसिंह भगवान के मंत्र का जाप करें।
और सबसे अंत में भगवान नरसिंह को प्रणाम करें, बंधु-बांधवों में प्रसाद वितरण करें।
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नरसिंह जयंती के दिन करें यह उपाय
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि अगर रात को बुरे या डरावने सपने आते हैं, तो नरसिंह जयंती के दिन व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा करने के बाद अपने तकिए के नीचे पूजा में प्रयोग हुए फूल रख लें। सोते वक्त ‘ऊं उग्रं उग्रं महाविष्णुं सकलाधारं सर्वतोमुखम्’ मंत्र का 11 बार जाप करें। इससे सभी कष्टों से मुक्ति मिलेगी और डर समाप्त हो जाएगा और घर में सुख-समृद्धि बढ़ेगी।
