आ गई ईद की सही तारीख़, जानिए भारत में कैसे तय की जाती है ईद-उल-फितर
भारत में ईद की तारीख चाँद दिखने पर निर्भर करती है। इस प्रक्रिया को "चांद देखना" या "चांदनी का ऐलान" कहा जाता है। इस त्यौहार को रमज़ान महीने के अंत में और शव्वाल महीने की पहली तारीख को ईद-उल-फितर के तौर पर मनाया जाता है,
- Written By: सीमा कुमारी
ईद-उल-फितर (सौ.सोशल मीडिया)
Eid al-Fitr 2025: चांद नजर आते ही मुसलमानों का सबसे बड़ा त्योहार ईद-उल-फितर पूरे देश भर में मनाया जाएगा। यह त्योहार न केवल इबादत और शुक्राने का दिन है, बल्कि भाईचारे, मोहब्बत और खुशियों को बांटने का भी मौका है। जो मुस्लिम समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। भारत में इस साल रमज़ान के पाक महीने की शुरुआत 2 मार्च 2025 से हुई थी। इसलिए ईद-उल-फ़ितर 31 मार्च या 1 अप्रैल को मनाई जाएगी, क्योंकि ईद की तारीख चांद के दिखने पर निर्भर होती है।
हर साल यह तिथि चांद के दीदार अनुसार तय होती है, जिससे इसकी तारीख बदलती रहती है। इस बार भी लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि ईद का यह खास दिन कब आएगा। आइए इसी क्रम में जानते हैं कि ईद-उल-फितर का त्योहार कब मनाया जाएगा।
भारत में ईद की तारीख कैसे तय होती है
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारत में ईद की तारीख चाँद दिखने पर निर्भर करती है। इस प्रक्रिया को “चांद देखना” या “चांदनी का ऐलान” कहा जाता है। इस त्यौहार को रमज़ान महीने के अंत में और शव्वाल महीने की पहली तारीख को ईद-उल-फितर के तौर पर मनाया जाता है, जो रमजान के पाक महीने के खत्म होने का ऐलान करता है।
भारत में ईद की सही तारीख चांद के दीदार से तय की जाती है। यह तिथि इस बात पर निर्भर करती है कि रमज़ान के 29वें या 30वें दिन चाँद दिखाई देता है या नहीं।
यदि चांद 29वें दिन चांद दिखाई देता है, तो अगले दिन ईद मनाई जाती है। अगर चाँद नहीं दिखाई देता, तो रमज़ान महीने को 30 दिन तक पूरा किया जाता है और ईद अगले दिन मनाई जाती है। भारत में विभिन्न राज्यों में चाँद देखने के लिए अलग-अलग जगहों पर समितियाँ बनाई जाती हैं, जो वैज्ञानिक और धार्मिक आधार पर निर्णय लेती है और चाँद के दिखने का ऐलान करती हैं। वहीं, कुछ लोग सऊदी अरब में चांद दिखने की घोषणा के आधार पर भी ईद मनाते हैं। इस कारण से, कभी-कभी ईद की तारीख एक दिन के अंतर से अलग-अलग राज्यों में तय हो सकती है।
कब है साल 2025 भारत में ईद
इस्लामी कैलेंडर के अनुसार, रमजान के बाद शव्वाल महीने की पहली तारीख को भारत में ईद या ईद-उल-फितर मनाई जाती है। चूंकि, भारत में इस साल रमज़ान के पाक महीने की शुरुआत 2 मार्च 2025 से हुई थी। इसलिए ईद-उल-फ़ितर 31 मार्च या 1 अप्रैल को मनाई जाएगी, क्योंकि ईद की तारीख चांद के दिखने पर निर्भर होती है। चांद का दिखना इस्लामी कैलेंडर के दसवें महीने शव्वाल की शुरुआत का संकेत देता है।
यदि 30 मार्च की शाम को चांद का दीदार हो जाता है, तो 31 मार्च को पूरे भारत में ईद का जश्न मनाया जाएगा। लेकिन अगर चांद 31 मार्च को नजर आता है, तो देशभर में ईद 1 अप्रैल 2025 को मनाई जाएगी।
सऊदी अरब में ईद 2025 की तारीख
सऊदी अरब में भी ईद की तारीख चांद के दीदार पर ही तय होती है। अगर 29 मार्च को चांद दिखाई देता है तो सऊदी अरब में ईद-उल-फितर 2025 संभवतः 30 मार्च, 2025 को मनाई जाएगी। अगर उस तारीख को चांद दिखाई नहीं देता है तो ईद 31 मार्च, 2025 को मनाई जाएगी।
रमजान में चांद का दिखना क्यों महत्वपूर्ण है
रमजान के दौरान चांद का दिखना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह इस्लामी चंद्र महीनों की शुरुआत और अंत का प्रतीक है। इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना रमजान, नए चांद के दिखने के साथ शुरू होता है। वहीं, ईद-उल-फितर भी चांद के दिखने से तय होता है, जो रमजान के अंत का जश्न मनाता है।
