मार्गशीर्ष महीने में इस दिन है दुर्गा अष्टमी, इस विशेष मुहूर्त में करें पूजा, सभी संकट हर लेंगी मां
Maa Durga:कहा जाता है कि मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत और पूजा करने से देवी दर्गा की विशेष कृपा होती है। इस दिन सच्चे मन से पूजा करने से घर में सकारात्मकता का संचार होता है और नकारात्मकता दूर होती है।
- Written By: सीमा कुमारी
कब है मार्गशीर्ष दुर्गा अष्टमी (सौ.सोशल मीडिया)
Margashirsha Durga Ashtami 2025 Kab Hai: जगत जननी माता दुर्गा को समर्पित ‘मासिक दुर्गाष्टमी’ का व्रत हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। इस बार मार्गशीर्ष मास की दुर्गा अष्टमी का व्रत 28 नवंबर को मनाई जाएगी। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है साथ ही दुर्गा अष्टमी का व्रत रखा जाता है।
कहा जाता है कि जो भी भक्त इस दिन श्रद्धा भाव से व्रत रखता है। उससे माता रानी प्रसन्न होकर मनचाह वरदान देती है और माता की कृपा से घर में खुशहाली आती है और सभी दुख और संकट दूर रहते हैं।
माता दुर्गा का आशीर्वाद परिवार जनों में सदा बना रहता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि मार्गशीर्ष मास की दुर्गा अष्टमी किस दिन मनाई जाएगी? साथ ही जानते हैं शुभ मुहूर्त पूजा विधि और महत्व-
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कब है मार्गशीर्ष दुर्गा अष्टमी
आपको बता दें, पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 28 नवंबर को देर रात 12 बजकर 29 मिनट पर प्रारंभ होगी। वहीं, अष्टमी तिथि की समापन 29 नवंबर को देर रात 12 बजकर 15 मिनट पर होगा। बता दें, मां दुर्गा की पूजा निशा काल में की जाती है। ऐसे में 28 नवंबर को मार्गशीर्ष माह की दुर्गा अष्टमी मनाई जाएगी।
कैसे करें दुर्गाअष्टमी पर मां दुर्गा की पूजा
- मासिक दुर्गाष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान करें।
- हो सके, तो लाल वस्त्र धारण करें और पूजा-स्थल की अच्छे से साफ-सफाई कर लें।
- इसके बाद गंगाजल छिड़क करें और चौकी बिछाकर उसपर लाल कपड़ा बिछाएं।
- अब मां दुर्गा की प्रतिमा या फोटो स्थापित करें।
- देवी की पूजा में उन्हें लाल चुनरी, सोलह श्रृंगार, लाल रंग का फूल, फूलमाला और अक्षत आदि अर्पित करें।
- देवी दुर्गा को प्रसाद चढ़ाएं चरणामृत अर्पित करें।
- इसके बाद घी का दीपक जलाकर मां की आरती करें।
- दूसरों को पूजा का प्रसाद बांटें।
- इस दिन शाम के समय गेहूं और गुड़ से बनी चीजों को ग्रहण कर आप अपना व्रत खोल सकते हैं।
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जानिए सनातन धर्म में दुर्गा अष्टमी का धार्मिक महत्व
सनातन धर्म में मासिक दुर्गा अष्टमी का व्रत रखने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। मां दुर्गा शत्रुओं का नाश करती हैं और भक्तों को भय से मुक्ति देती हैं। इस व्रत से अध्यात्मिक उन्नति और शांति प्राप्त होती है। कहा जाता है कि, इस व्रत को रखने से जीवन में सुख-शांति रहती है और धन-समृद्धि और सौभाग्य बढ़ता है।
