माघ पूर्णिमा (सौ.सोशल मीडिया)
Magha Purnima 2025: 12 फरवरी को माघ पूर्णिमा मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का बड़ा महत्व है। यह पावन तिथि हर महीने शुक्ल पक्ष के अंतिम दिन पड़ती है। पूर्णिमा तिथि को बलिष्ठ और सौम्य तिथि भी कहा जाता है, इस दिन चंद्रमा अपने पूरे प्रभाव में रहता है, इसलिए इस दिन को फूल मून भी कहा जाता है।
यह दिन स्नान और दान के लिए विशेष महत्व रखता है। इस वर्ष की माघी पूर्णिमा खासतौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दिन महाकुंभ में पवित्र स्नान का आयोजन होगा। यह दिन माघ स्नान का अंतिम दिन होता है और इसी दिन कल्पवास का समापन भी होता है। माघ महीने के दौरान कुछ भक्त एक महीने तक प्रयाग के गंगा तट पर निवास करते हैं, जिसे कल्पवास कहा जाता है।
धार्मिक दृष्टिकोण से, माघ पूर्णिमा पर स्नान, दान और जाप करना अत्यंत शुभ एवं लाभकारी माना जाता है। कहा जाता है कि इस दिन देवी-देवता गंगा स्नान के लिए पृथ्वी पर आते हैं। माघ पूर्णिमा के अवसर पर कुछ वस्तुओं का दान करना विशेष पुण्यदायी होता है।
लेकिन, आपको बता दें इस दिन कुछ विशेष वस्तुओं का दान करनी की मनाही भी है। यदि आप माघ पूर्णिमा के दिन इन वस्तुओं का दान करते हैं, तो आपको कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि माघ पूर्णिमा के दिन किन चीजों का दान नहीं करना चाहिए।
माघ पूर्णिमा के दिन इन चीजों का दान भूलकर भी नहीं करना चाहिए
आपको बता दें, माघ पूर्णिमा के अवसर पर कुछ विशेष वस्तुओं का दान करने से शनिदोष या चंद्रदोष उत्पन्न हो सकता है, जिससे व्यक्ति को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
1. माघ पूर्णिमा के दिन लोहे की वस्तुओं का दान नहीं करना चाहिए।
2. माघ पूर्णिमा के दिन काले रंग के कपड़ों का दान नहीं करना चाहिए।
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3. माघ पूर्णिमा के दिन चांदी की चीजों का दान नहीं करना चाहिए।
4. माघ पूर्णिमा के दिन दूध का दान भी नहीं करना चाहिए।
5. माघ पूर्णिमा के दिन नमक का दान नहीं करना चाहिए।
6. माघ पूर्णिमा के दिन चाकू, सुई या कैंची का दान नहीं करना चाहिए, या नहीं देना चाहिए।