केदारनाथ धाम से जुड़े इन रहस्यों के राज़ कोई नहीं जान सका आज तक, जानिए कैसे जलता है दीपक
हिंदू धर्म केदारनाथ धाम का विशेष महत्व है और इसकी महिमा का वर्णन शिवपुराण में भी किया गया है। जो भी व्यक्ति केदारनाथ के दर्शन करता है वह जीवन मृत्यु के चक्र से मुक्त हो जाता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
- Written By: सीमा कुमारी
केदारनाथ धाम की महिमा(सौ.सोशल मीडिया)
Badrinath Dham: विश्व प्रसिद्ध उत्तराखंड की चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। हिन्दू धर्म में ये यात्राएं, जिन्हें तीर्थयात्रा या धाम यात्रा के रूप में जाना जाता है, हिन्दू भक्तों के लिए आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व रखती हैं। आपको बता दें, गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की महिमा हिंदू धर्म में खास महत्व हैं।
अगर केदारनाथ धाम की बात की जाए तो, केदारनाथ तीसरा धाम है। जिसकी कपाट इस बार 2 मई 2025 को भक्तों के लिए खोल दिए गए हैं। इसके बाद अगले 6 महीने तक मंदिर के कपाट खुले रहेंगे और भक्त दर्शन कर पाएंगे। 6 महीने के बाद फिर से मंदिर का कपाट बंद कर दिया जाएगा।
धर्म गुरु के अनुसार, हिंदू धर्म केदारनाथ धाम का विशेष महत्व माना गया है और इसकी महिमा का वर्णन शिवपुराण में भी किया गया है। शिवपुराण के अनुसार इस मंदिर का निर्माण पांडवों के पौत्र महाराज जनमेजय ने करवाया था। शिवपुराण में कहा गया है कि जो भी व्यक्ति केदारनाथ के दर्शन करता है वह जीवन मृत्यु के चक्र से मुक्त हो जाता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, केदारनाथ धाम की खासियत है कि इसके कपाट भक्तों के लिए केवल 6 महीने ही खुलते हैं और बाकी 6 महीने मंदिर के कपाट बंद रहते हैं। कहते हैं कि कपाट बंद होने के बाद भी मंदिर के भीतर से घंटी की आवाज आती रहती है। मान्यता है कि 6 महीने केदारनाथ भक्तों के लिए खुलता है और बाकी 6 महीने देवताओं के लिए खुलता है। जब इसके कपाट बंद रहते हैं तब भीतर देवतागण पूजा करते हैं। आइए जानते है केदारनाथ धाम से जुड़ी अन्य रहस्मय बातें-
क्या है केदारनाथ धाम से जुड़ी अन्य रहस्मय बातें-
शिव लोक कहे जाने वाले केदारनाथ धाम का रहस्य भी हैरान कर देने वाला है। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ 12 ज्योतिर्लिंगों में एक है। इसे पंच केदार भी कहा जाता है, क्योंकि इसका निर्माण पांडवों के पौत्र राजा परीक्षित के पुत्र महाराज जममेजा द्वारा कराया गया था। बाद में मंदिर का जीर्णोद्धार आदि शंकराचार्य ने कराया।
केदारनाथ मंदिर 6 महीने के लिए बंद रहता है और 6 महीने के लिए खोला जाता है। शुक्रवार 2 मई को आज सुबह 7 बजे मंत्रोच्चारण और पूजा के बाद केदारनाथ मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिए गए हैं और आगामी 6 महीनों तक मंदिर के कपाट खुले रहेंगे। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि यहां हजारों वर्षों से दीपक जल रहा है।
केदारनाथ मंदिर के कपाट जब 6 माह के लिए बंद कर दिए जाते हैं तब भी यह दीपक निरंतर जलता रहता है। इतना ही नहीं आसपास रहने वाले लोगों का यह कहना है कि मंदिर के बंद होने के बाद मंदिर के भीतर से घंटियों की आवाज आती है।
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इसका रहस्य आज तक कोई नहीं जान सका। लेकिन, पुराणों की माने तो, जब मंदिर 6 माह के लिए बंद रहता है तब यहां देवतागण पूजा करते हैं। यानि केदारनाथ मंदिर में छह महीने मनुष्य पूजा करते हैं और छह महीने देवतागण पूजा करते हैं।
