Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

क्या है जवारे विसर्जन की सही विधि? जानिए क्या हैं इसके नियम और मंत्र

Jawara Visarjan Rules: जवारे विसर्जन नवरात्रि पूजा का एक महत्वपूर्ण भाग है, जिसे पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से करना चाहिए। इस लेख में जानिए जवारे विसर्जन की सही विधि, जरूरी नियम और पवित्र मंत्र।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Mar 27, 2026 | 08:26 PM

जवारे विसर्जन (सौ.AI)

Follow Us
Close
Follow Us:

Jawara Visarjan Vidhi: नौ दिनों की शक्ति उपासना का महापर्व चैत्र नवरात्र के समापन जवारे यानी जौ विसर्जन के साथ होता है। हिंदू धर्म में जवारे को सुख-समृद्धि, उन्नति और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जवारे जितनी अच्छी तरह उगती हैं, माता रानी की कृपा उतनी ही अधिक बरसती है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि जवारे का विसर्जन नवमी को करना चाहिए या दशमी को? आइए यहां विस्तार से जानते हैं।

जवारे विसर्जन की शुभ तिथि

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चैत्र नवरात्र यानि रामनवमी के बाद दशमी तिथि के दिन जवारे का विसर्जन किया जाता है। पंचांग के अनुसार, इस वर्ष दशमी तिथि 28 मार्च 2026, शनिवार को पड़ रही है और ऐसे में जवारे का विसर्जन 28 मार्च को करना शुभ शुभ बताया जा रहा है।

जवारे विसर्जन का क्या है शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, जवारे विसर्जन का शुभ मुहूर्त 28 मार्च की सुबह 7 बजकर 58 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 29 मिनट तक रहेगा।

सम्बंधित ख़बरें

चारधाम यात्रा में कौन सी गलतियां पड़ जाएंगी महंगी? तुरंत पढ़ें और गांठ बांध लें

चैत्र नवरात्रि के समापन के बाद ये काम करना बिल्कुल न भूलें, तभी पूर्ण होगी पूजा

मन भटके नहीं बस ऐसे करें नाम जप, जीवन बदल देगा ये आसान तरीका, प्रेमानंद जी महाराज का उपाय

हनुमान जी ने अपने पुत्र को बनाया था इस रहस्यमयी लोक का राजा, जानिए पूरी कथा

इसके बाद दोपहर 12 बजकर 7 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 56 मिनट तक अभिजित मुहूर्त रहेगा और इसे भी शुभ मुहूर्त माना जाता है।

फिर दोपहर 12 बजकर 32 मिनट से दोपहर 2 बजकर 3 मिनट तक और 3 बजकर 34 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 5 मिनट तक जवारे विसर्जन के लिए शुभ मुहूर्त है।

जवारे विसर्जन से पहले करें पूजा

  • विसर्जन से पहले जवारे की धूप, दीप, अक्षत और फूल से अंतिम पूजा करें।
  • माता दुर्गा की आरती करें और प्रार्थना करें।
  • पूजा में हुई किसी भी भूल-चूक के लिए माता से क्षमा मांगें।
  • विसर्जन के लिए जवारे के पात्र को सिर पर रखकर सम्मान किसी पवित्र नदी, तालाब या अन्य जल स्रोत में प्रवाहित कर दें।

यह भी पढ़ें-चारधाम यात्रा में कौन सी गलतियां पड़ जाएंगी महंगी? तुरंत पढ़ें और गांठ बांध लें

जवारे विसर्जित करते समय इस मंत्र का जप करें।

“गच्छ गच्छ सुरश्रेष्ठे स्वस्थानं परमेश्वरि। पूजाराधनकाले च पुनरागमनाय च।।”

          मां दुर्गा पूजा मंत्र

1. सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते॥

2. या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

3. ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥

What is the correct method of jawara visarjan know its rules and mantras

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Mar 27, 2026 | 08:26 PM

Topics:  

  • Chaitra Navratri
  • Goddess Durga
  • Navratri
  • Religion News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.