शनिवार को है विनायक चतुर्थी, इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा, श्रीगणेश दूर करेंगे सारी अड़चनें
Vinayak Chaturthi 2025: विनायक चतुर्थी का दिन बेहद मंगलकारी माना जाता है। इस तिथि पर उपवास करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और सभी बाधाओं को दूर करते हैं।
- Written By: सीमा कुमारी
कब है विनायक चतुर्थी (सौ. सोशल मीडिया)
Vinayak Chaturthi 2025: विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता भगवान गणेश को समर्पित विनायक चतुर्थी का व्रत हर महीने कृष्ण और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता जाता है। इस बार अक्टूबर महीने की विनायक चतुर्थी व्रत 25 अक्टूबर 2025, शनिवार को रखा जाएगा।
शास्त्रों के अनुसार, विनायक चतुर्थी के दिन व्रत रखने वाले साधकों पर भगवान गणेश की विशेष कृपा बरसती है। उनकी कृपा से साधक के सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। साथ ही जीवन में व्याप्त संकटों से मुक्ति मिलती है। आइए, कार्तिक माह की विनायक चतुर्थी की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और योग जानते हैं-
कब है विनायक चतुर्थी
आपको बता दें, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के अगले दिन विनायक चतुर्थी मनाई जाती है। इस साल 25 अक्टूबर को विनायक चतुर्थी है। इस शुभ अवसर पर भगवान गणेश की पूजा की जाएगी। साथ ही चतुर्थी तिथि का व्रत रखा जाएगा।
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जानिए क्या रहने वाला है विनायक चतुर्थी शुभ मुहूर्त
आपको बता दें, पंचांग के अनुसार, 25 अक्टूबर को देर रात 01 बजकर 19 मिनट पर कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी की शुरुआत होगी। वहीं, 26 अक्टूबर को सुबह 03 बजकर 48 मिनट पर कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि समाप्त होगी। चतुर्थी तिथि पर चंद्र दर्शन किया जाता है। इसके लिए 25 अक्टूबर को विनायक चतुर्थी मनाई जाएगी।
विनायक चतुर्थी पर बन रहे हैं शुभ योग
ज्योतिषयों के अनुसार, इस साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। इन योग में शिव परिवार की पूजा की जाएगी। इस शुभ अवसर पर शोभन और रवि योग का संयोग है। भद्रावास योग का संयोग रात भर है। इन योग में भगवान गणेश की पूजा करने से साधक के सुख और सौभाग्य में वृद्धि होगी।
पंचांग
सूर्योदय – सुबह 06 बजकर 28 मिनट पर
सूर्यास्त – शाम 05 बजकर 42 मिनट पर
चन्द्रोदय- सुबह 09 बजकर 50 मिनट पर
चन्द्रास्त- रात 07 बजकर 58 मिनट पर
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ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04 बजकर 46 मिनट से 05 बजकर 37 मिनट तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 01 बजकर 57 मिनट से 02 बजकर 42 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त – शाम 05 बजकर 42 मिनट से 06 बजकर 07 मिनट तक
निशिता मुहूर्त – रात 11 बजकर 40 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट तक
