भाद्रपद पूर्णिमा के दिन तुलसी के उपाय दूर करेंगे सारी अड़चनें, श्रीहरि विष्णु की मिलेगी कृपा
Bhadrapada Purnima Tulsi upay: धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से पूर्णिमा तिथि का बड़ा महत्व है। पूर्णिमा के दिन तुलसी पूजन व उससे जुड़े कुछ उपाय करने से जीवन में सुख-शांति व समृद्धि आती है।
- Written By: सीमा कुमारी
भाद्रपद पूर्णिमा पर करें तुलसी से जुड़े उपाय (सौ.सोशल मीडिया)
Bhadrapada Purnima 2025: सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। पूर्णिमा हर महीने पड़ने वाली एक शुभ तिथि मानी जाती है। इस बार भादो महीने की पूर्णिमा 7 सितंबर, रविवार को है। मान्यता है कि इस दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी और चंद्रमा की पूजा करनी चाहिए। पूर्णिमा पर भगवान सत्यनारायण की पूजा भी शुभ मानी गई है। जैसा कि आप जानते है कि भगवान विष्णु को तुलसी प्रिय है।
हिंदू धर्म ग्रंथों में तुलसी को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन तुलसी पूजन व उससे जुड़े कुछ उपाय करने से जीवन में सुख-शांति व समृद्धि आती है। ऐसे में आइए जानते है इस दिन तुलसी से जुड़े उपायों के बारे में-
भाद्रपद पूर्णिमा पर करें तुलसी से जुड़े उपाय
- भाद्रपद पूर्णिमा के दिन सुबह तुलसी पूजा करने से जीवन में विष्णु जी की कृपा बनी रहती है साथ ही मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है।
- इस दिन तुलसी पूजन का संकल्प लें, तुलसी के पौधे में जल को अर्पित करें और घी का दीपक जलाएं।
- तुलसी की परिक्रमा करें,इस दिन तुलसी माला का जाप करें, और साथ में इस मंत्र को बोलें, ‘ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय’.इस जाप को करने से पारिवारिक समस्याओं का समाधान होता है।
- पूर्णिमा की रात्रि को आप भगवान विष्णु को खीर का भोग लगा सकते है।
- भोग में तुलसी दल को उसमें शामिल जरूर करें। ऐसा करने से सुख-शांति का आगमन होता है और मानसिक तनाव से छुटकारा मिलता है।
- तुलसी माता को सोलह श्रृंगार अर्पित करें, ऐसा करने से सुहाग बना रहता है।
जानिए क्या है पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से पूर्णिमा का बड़ा महत्व है। पूर्णिमा सबसे पावन दिनों में एक माना जाता है, जब चंद्रमा की किरणें बहुत शक्तिशाली होती हैं। यह दिन भगवान विष्णु, देवी लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा के लिए समर्पित है। इस तिथि पर भक्त सुबह से शाम तक उपवास रखते हैं और चंद्रमा भगवान को अर्घ्य देने के बाद अपना उपवास खोलते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Om Chanting : योग करते समय ॐ का जाप क्यों है जरूरी? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
Sunday Rules: रविवार के दिन ग़लती से भी न करें ये 5 काम, वरना उठाना पड़ सकता है भारी नुकसान
Surya Dev Mantra: रविवार को करें सूर्य देव के 4 मंत्रों का जप, नौकरी, धन और मान-सम्मान में होगा लाभ
Father’s Day: पिता को क्यों कहा जाता है बरगद का पेड़? जानिए धर्म, संस्कृति और जीवन में छिपा इसका गहरा अर्थ
ये भी पढ़ें–इस साल शारदीय नवरात्र में हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा, जानिए क्या है इसकी महिमा
वहीं, इस दिन सत्यनारायण पूजा का भी विधान है। कहते हैं कि इस दिन पूजा-पाठ करने से दोगुना फल की प्राप्ति होती है। साथ ही घर में सुख और समृद्धि आती है।
