-
बुध, 5 अगस्त 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Latest News »
- When Will Vaman Jayanti Be Celebrated
वामन जयंती 4 सितंबर को, जानिए जगत के पालनहार भगवान विष्णु को क्यों लेना पड़ा यह अवतार
- Written By: सीमा कुमारी
Vaman Dwadashiभगवान विष्णु के वामन रूप की पूजा करने से समस्त बुरे कर्मों का नाश होता है और पुण्य फल में वृद्धि होती है। आइए जानते हैं आखिर भगवान विष्णु को यह अवतार क्यों लेना पड़ा?

वामन जयंती
Vaman Dwadashi 2025:4 सितंबर 2025 को वामन जयंती मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार, हर साल भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष की 12वीं तिथि को वामन जयंती का पर्व मनाया जाता है। इसे वामन द्वादशी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इसी तिथि में भगवान विष्णु ने वामन अवतार लिया था। यह भगवान विष्णु का पांचवा अवतार है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान विष्णु के वामन रूप की पूजा करने से समस्त बुरे कर्मों का नाश होता है और पुण्य फल में वृद्धि होती है।भगवान विष्णु ने धर्म और सृष्टि की रक्षा के लिए कई अवतार लिए, जिसमें वामन अवतार भी एक है। आइए जानते हैं आखिर भगवान विष्णु को यह अवतार क्यों लेना पड़ा?
कब मनाई जाएगी वामन जयंती
तिथि- गुरुवार, 4 सितंबर 2025
सम्बंधित ख़बरें
6 August 2026 Panchang: अष्टमी तिथि पर बन रहे हैं कई शुभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा का सही समय
Bhagavad Gita: आसपास नकारात्मक लोग हों तब भी घर को ऐसे रखें खुशहाल और शांत, गीता से सीखें ये 5 आसान उपाय
Sawan 2026: सावन में भूलकर भी न छोड़ें मुख्य द्वार से जुड़ा ये उपाय, कहते हैं यहीं से आती है सुख-समृद्धि
Ekadashi 2026: कामिका एकादशी पर 5 चीजों का दान बदल सकता है आपकी किस्मत, श्रीहरि की कृपा से भर जाएगा घर
द्वादशी तिथि प्रारंभ- 4 सितंबर, सुबह 4 बजकर 20 मिनट से
द्वादशी तिथि समाप्त- 5 सितंबर, सुबह 4 बजकर 10 मिनट तक
भगवान विष्णु को क्यों लेना पड़ा वामन अवतार
वामन द्वादशी पूजा विधि
वामन द्वादशी के दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा की जाती है। इस दिन प्रातःकाल वामन देव की प्रतिमा की षोडशोपचार पूजा की जाती है। कई लोग इस दिन व्रत रखते है। शाम की पूजा में वामन द्वादशी की व्रत कथा पढ़ी या सुनी जाती है। इसके बाद व्रती प्रसाद ग्रहण कर अपना व्रत खोल लेते हैं। इस दिन चावल, दही और मिश्री का दान करना बेहद शुभ माना जाता है।
क्या है वामन द्वादशी व्रत कथा जानिए
किसी समय की बात है कि अत्यन्त बलशाली दैत्य राजा बलि ने इन्द्र देव को पराजित कर स्वर्ग पर अपना अधिकार स्थापित कर लिया था। भगवान विष्णु के परम भक्त और दानवीर राजा होने के बावजूद भी बलि एक क्रूर और अभिमानी राक्षस था। वो अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर देवताओं को डराया करता था। अजेय बलि अपने बल से स्वर्ग लोक, भू लोक तथा पाताल लोक का स्वामी बन बैठा था।
जब स्वर्ग पर बलि ने अपना अधिकार जमा लिया तब इन्द्र देव अन्य देवताओं के साथ भगवान विष्णु की शरण में पहुंचे और उनसें सहायता की विनती की। इसके बाद भगवान विष्णु ने सभी को बलि के अत्याचारों से मुक्ति दिलवाने के लिए माता अदिति के गर्भ से वामन अवतार के रूप में जन्म लिया।
भगवान विष्णु वामन रूप में सभा में पहुंचे जहां राजा बलि अश्वमेध यज्ञ कर रहे थे। वामन देव ने भिक्षा के रूप में बलि से तीन पग धरती मांगी। बलि एक दानवीर राजा थे, सहर्ष रूप से उन्होंने वामन देव की इच्छा पूरी करने का वचन दिया। तत्पश्चात, वामन देव ने अत्यन्त विशाल रूप धारण किया और पहले पग से ही उन्होंने समस्त भू लोक को नाप लिया। दूसरे पग से उन्होंने स्वर्ग लोक नाप लिया।
ये भी पढ़ें-चाणक्य की ये नीति जीवन में दिला सकता हैं सफलता, हार बदल जाएगी सफलता में, दुनिया करेगी आपको सलाम
इसके बाद जब वामन देव अपना तीसरा पग उठाने को हुये तब राजा बलि को यह ज्ञात हुआ की यह स्वयं भगवान विष्णु हैं। अतः बलि ने तीसरे पग के लिये अपना शीर्ष वामन देव के सामने प्रस्तुत कर दिया। तब भगवान विष्णु ने बलि की उदारता का सम्मान करते हुये उसे पाताल लोक दे दिया। भगवान विष्णु ने साथ ही बलि को यह भी वरदान भी दिया कि वह साल में एक बार अपनी प्रजा के समक्ष धरती पर उपस्थित हो सकता है। राजा बलि की धरती पर वार्षिक यात्रा को केरल में ओणम और अन्य भारतीय राज्यों में बलि-प्रतिपदा के रूप में मनाया जाता है।
When will vaman jayanti be celebrated
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Mahindra Scorpio-N Facelift हुई लॉन्च, कीमत ने चौंकाया, पैनोरमिक सनरूफ से ADAS तक मिले कई प्रीमियम फीचर्स
Aug 05, 2026 | 04:31 PMONGC Recruitment 2026: मेडिकल ऑफिसर के 24 पदों पर भर्ती, 18 अगस्त तक करें आवेदन
Aug 05, 2026 | 04:22 PM‘पहले 2.4 करोड़, अब 2.9 करोड़ और!’, मुंबई मेयर रितु तावड़े के बंगले के नए टेंडर पर भड़का विपक्ष
Aug 05, 2026 | 04:22 PMAgra: सपा प्रदेश अध्यक्ष के कार्यक्रम में हंगामा; मुलाकात को लेकर आपस भिड़े कार्यकर्ता, भाजपा पर साधा निशाना
Aug 05, 2026 | 04:15 PMBreastfeeding Guide: ब्रेस्टफीडिंग के दौरान सही नर्सिंग ब्रा कैसे चुनें? जानें आराम और सपोर्ट के जरूरी टिप्स
Aug 05, 2026 | 04:14 PME20 पेट्रोल विवाद: बॉम्बे HC से नितिन गडकरी को राहत, सोशल मीडिया पर केस की मिली इजाजत; मेटा-गूगल की बढ़ी टेंशन
Aug 05, 2026 | 04:12 PMभंडारा कृषि उपज बाजार समिति के सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, 6 अगस्त को होगी विशेष सभा
Aug 05, 2026 | 04:12 PMवीडियो गैलरी

थलपति विजय सरकार का पहला बजट पेश, छात्रों और महिलाओं के लिए बड़ी घोषणाएं
Aug 05, 2026 | 02:22 PM
सनातन पर विवाद के बाद अब त्रिशा-विजय टिप्पणी में फंसे उदयनिधि स्टालिन, पुलिस ने उठाया; देखें VIDEO
Aug 04, 2026 | 10:40 PM
कौन हैं JPSC आंदोलन के सोनम वांगचुक? मां को खोया, 11 FIR दर्ज हुए फिर भी नहीं झुके, देखें VIDEO
Aug 04, 2026 | 09:51 PM
दतिया में BJP की हार के बाद मचा हड़कंप! अपनों के धोखे और भीतरघात से उड़े नेताओं के होश! देखें VIDEO
Aug 04, 2026 | 09:48 PM
PK की जीत के बाद BJP ऑफिस में वीणा मानवी का फोन, लड्डू बांटने की बात वायरल! देखें VIDEO
Aug 04, 2026 | 07:33 PM
POK में बगावत! ट्रंप-ईरान संकट को लेकर क्या बोले मेजर जनरल राजन कोचर? Exclusive Interview
Aug 04, 2026 | 03:17 PM














