नीम के चमत्कारिक उपाय (सौ.सोशल मीडिया)
नीम का पेड़ न केवल अपने औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है, बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी इसका विशेष महत्व है। बता दें, नीम का पेड़ पर्यावरण को शुद्ध करने, नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और सकारात्मकता लाने में भी मदद करता है।
हिंदू धर्म के शास्त्रों, आयुर्वेद, और लोक परंपराओं में नीम को पवित्र और शुभ माना गया है। अगर बात नीम के पेड़ या पत्ते की करें तो, ज्योतिष शास्त्र में भी नीम को का विशेष महत्व है।
ज्योतिषयों का मानना है कि, नीम के माध्यम से शनि और मंगल जैसे प्रभावशाली ग्रहों के अशुभ प्रभाव को शांत किया जा सकता है। शनि ग्रह को न्याय का प्रतीक माना गया है, जो हमारे कर्मों के आधार पर फल देता है।
ऐसे में ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नीम से जुड़े कुछ उपाय शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से छुटकारा दिला सकते हैं। आइए जानते हैं नीम के चमत्कारिक उपायों के बारे में-
ज्योतिषयों के अनुसार, हर शनिवार और मंगलवार को नीम के पेड़ के नीचे जल चढ़ाएं और चमेली के तेल का दीपक जलाएं। इन दिनों नीम का पौधा लगाना भी विशेष रूप से शुभ फलदायी होता है। अगर आप शनि की साढ़ेसाती-ढैय्या से छुटकारा पाना चाहते है तो शनिवार और मंगलवार को नीम के पेड़ के नीचे जल चढ़ाएं और चमेली के तेल का दीपक जलाना न भूलें।
नीम की लकड़ी से अग्नि में हवन करने से शनि ग्रह की शांति होती है। साथ ही, नीम की लकड़ी से बनी माला पहनने से भी शनि के शुभ प्रभाव बढ़ते हैं।
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ज्योतिष के अनुसार, घर के पास नीम का पेड़ लगाने से मंगल ग्रह का प्रभाव संतुलित होता है। रोजाना नीम की दातून करना भी मंगल को शुभ बनाता हैं।
नीम के पत्तों को कुछ घंटों तक पानी में भिगोकर रखें और फिर उस जल को शनिवार के दिन शनिदेव की मूर्ति पर अर्पित करें। इससे शनि की कृपा प्राप्त होती हैं।
नीम की पत्तियों को उबालकर उससे घर में पोंछा लगाएं और उस जल का छिड़काव करें। यह उपाय नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और मंगल-शनि दोनों को शांत करता है।