Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

सूर्य ग्रहण में पूजा-पाठ पर क्यों लगती है रोक? शास्त्रों के ये खास नियम जानकर रह जाएंगे हैरान!

Sutak kaal Rules: सूर्य ग्रहण के समय सूतक लगने के कारण पूजा-पाठ रोक दिया जाता है। शास्त्रों में इस दौरान विशेष नियम और सावधानियां बताई गई हैं। जानिए इस बारे में।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Feb 16, 2026 | 02:32 PM

सूर्य ग्रहण (सौ.सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Grahan Puja Restrictions: धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टिकोण से ग्रहण काल को अशुभ माना जाता है। इस साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को लगने जा रहा है। जिसे आध्यात्मिक रूप से एक अशुद्ध और नकारात्मक समय माना जाता है। क्योंकि, ग्रहण के दौरान राहु और केतु के प्रभाव से सूर्य की किरणों में नकारात्मकता बढ़ जाती है जिसका असर देवी-देवताओं की प्रतिमाओं पर भी पड़ता है।

यही कारण है कि इस समय मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और भगवान की पूजा पूरी तरह रोक दी जाती है। हिन्दू शास्त्रों के अनुसार, यह समय बाहरी पूजा का नहीं बल्कि मानसिक शांति और आत्मां की शुद्धि का होता है।

क्यों ग्रहण काल वर्जित है मूर्ति पूजा?

धार्मिक दृष्टि से ग्रहण काल को ‘सूतक काल’ कहा जाता है, जो एक प्रकार की अशुद्धि का समय माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं और खगोल शास्त्र के अनुसार, ग्रहण के समय राहु-केतु के प्रभाव के कारण ब्रह्मांड में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ जाता है।

सम्बंधित ख़बरें

2026 का पहला सूर्य ग्रहण कब? क्या है सूतक का समय? जानिए सबसे सटीक तारीख

कब रखा जाएगा शीतला सप्तमी व्रत? जानें सही तिथि और शुभ मुहूर्त एक क्लिक में

सूर्य ग्रहण क्यों होता है गर्भवती महिलाओं के लिए बड़ा खतरा? जानिए क्या सावधानी बरतें

आ गई ‘रंगभरी एकादशी’ की सबसे सटीक तिथि, जानिए इस विशेष एकादशी की विधिवत पूजा से क्या मिलेगा

देव-प्रतिमाएं अत्यंत संवेदनशील और ऊर्जा का केंद्र होती हैं, इसलिए इस नकारात्मकता से उनकी पवित्रता को बचाने के लिए मूर्तियों को ढक दिया जाता है या मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं।

ग्रहण को लेकर परंपराओं और वैज्ञानिक दृष्टिकोण

परंपरागत मान्यता में कहा जाता है कि ग्रहण के समय सूर्य की किरणें दूषित हो जाती हैं और वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, इसलिए घर के अंदर रहना, भोजन न पकाना या पूजा-पाठ से विराम लेना उचित माना जाता है। यह दृष्टिकोण मुख्यतः ज्योतिष और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित है।

वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो ग्रहण एक खगोलीय घटना है। जब Solar Eclipse होता है, तब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और कुछ समय के लिए सूर्य का प्रकाश आंशिक या पूर्ण रूप से ढक जाता है। इससे कुछ समय के लिए प्रकाश कम हो जाता है।  तापमान में हल्की गिरावट देखी जा सकती है।

पक्षियों और जानवरों के व्यवहार में अस्थायी बदलाव आ सकता है। लेकिन अब तक किसी वैज्ञानिक शोध में यह सिद्ध नहीं हुआ है कि ग्रहण के दौरान सूर्य की किरणें जहरीली या दूषित हो जाती हैं।

यह भी पढ़ें:-2026 का पहला सूर्य ग्रहण कब? क्या है सूतक का समय? जानिए सबसे सटीक तारीख

बिना उचित सुरक्षा के सीधे सूर्य को देखना आँखों के लिए हानिकारक हो सकता है और यह सामान्य दिनों में भी उतना ही खतरनाक है, ग्रहण के समय विशेष सावधानी इसलिए जरूरी होती है क्योंकि लोग अधिक देर तक देखने की कोशिश करते हैं। इसलिए,धार्मिक नियम मानना व्यक्तिगत आस्था का विषय है।

वैज्ञानिक रूप से ग्रहण एक प्राकृतिक और सुरक्षित खगोलीय प्रक्रिया है, बशर्ते आँखों की सुरक्षा का ध्यान रखा जाए।

यदि आप चाहें तो मैं ग्रहण से जुड़े मिथक और वैज्ञानिक तथ्य” पर एक छोटा सा तुलना-चार्ट भी बना सकती हूँ, जिससे बात और स्पष्ट हो जाएगी।

Surya grahan worship restrictions shastra rules during solar eclipse

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Feb 16, 2026 | 02:32 PM

Topics:  

  • Religion
  • Sanatana Dharma
  • Solar Eclipse

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.