ये है छठ पूजा की पूरी सामग्री लिस्ट, जल्दी से नोट कर लें पूजा के लिए सभी जरूरी सामान
Chhath Puja : 25 अक्टूबर से छठ पूजा शुरू हो रही है। अगर आप या आपके परिवार में कोई इस साल व्रत रखने वाला है, तो यहां बताए गए सामग्री का प्रयोग करके सूर्य देव और छठी मैया को प्रसन्न कर सकते है।
- Written By: सीमा कुमारी
ये है छठ पूजा की पूरी सामग्री लिस्ट (सौ.सोशल मीडिया)
Chhath Puja Samagri List 2025:सूर्योपासना का महापर्व छठ पूजा इस बार 25 अक्टूबर से शुरू होकर जो 28 अक्टूबर 2025 तक चलेगी। लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है, जिसमें संतान के सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए 36 घंटे का निर्जला व्रत रखा जाता है।
ऐसा माना जाता है कि यह पर्व आत्मशुद्धि, संतान की सुख-समृद्धि और परिवार के कल्याण का प्रतीक है। यह त्योहार मुख्य रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड में बड़े ही उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
आपको बता दें, इस दौरान खास रौनक देखने को मिलती है। छठ पूजा की थाली बेहद पवित्र मानी जाती है और इसमें हर वस्तु का विशेष धार्मिक महत्व होता है। ऐसे में आइए जानते पूजा थाली में कौन-कौन सी चीजें रखना बेहद जरूरी होता है ?
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पूजा थाली में कौन-कौन सी चीजें रखना जरूरी है?
ठेकुआ
छठ पूजा का प्रमुख प्रसाद। इसे गेहूं के आटे, गुड़ और घी से बनाया जाता है। यह सूर्यदेव को समर्पित किया जाता है।
फल-फूल
थाली में मौसमी फल जैसे केला, नारियल, अमरूद, नींबू, गन्ना, सेब, शक्करकंद और नारंगी रखना शुभ माना जाता है।
नारियल
संपूर्णता और पवित्रता का प्रतीक। इसे कलश के ऊपर रखा जाता है या थाली में स्थान दिया जाता है।
दीपक और अगरबत्ती
दीपक से सूर्यदेव की आराधना की जाती है और अगरबत्ती से वातावरण को पवित्र किया जाता है।
सिंदूर और हल्दी
स्त्रियां पूजा के दौरान मांग में सिंदूर भरती हैं और हल्दी का प्रयोग मंगल का प्रतीक माना जाता है।
करवा और सुप
सुप में प्रसाद और अर्घ्य की वस्तुएं रखी जाती हैं वहीं, करवा में जल भरकर सूर्यदेव को अर्पित किया जाता है।
गन्ना और मूली
गन्ना लंबी उम्र का प्रतीक है जबकि मूली पवित्रता और तपस्या का प्रतीक मानी जाती है।
पान, सुपारी और लौंग-इलायची
सूर्यदेव के पूजन में इनका विशेष महत्व होता है। यह प्रसाद का हिस्सा माने जाते है।
सूर्यदेव को अर्घ्य देने का सामान
सूर्यदेव को अर्घ्य देते समय पूजा सामग्री का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
बांस का सुप या दउरा
दूध और जल से भरा लोटा
दीपक
पुष्प (लाल या पीले रंग के)
मौसमी फल और ठेकुआ
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लाल या पीले कपड़े
अर्घ्य के लिए दूध, जल, चंदन, और पुष्प
