भाई-बहन (सौ.AI)
Bhai Dooj Ke Din Kya Karna Chahiye: आज भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक भाई दूज का पर्व मनाया जा रहा है। यह पर्व साल में दो बार मनाया जाता है। पहला कार्तिक मास और दूसरा चैत्र मास में है। जो कि आज है।
भाई दूज को लेकर मान्यता है कि इस दिन बहन द्वारा भाई के माथे पर तिलक करने से यमराज स्वयं भाई की रक्षा करते हैं। हालांकि, भाईदूज के दिन बहनों को कुछ बातों का विशेष ख्याल रखना चाहिए। शास्त्रों में इन दिन कुछ चीजों को करने को मना किया गया है। कहा जाता है कि इन गलतियों से पूजा का फल अधूरा रह जाता है। तो आइए जानते हैं भाई दूज के दिन बहनों को क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
भाई दूज के दिन भाई-बहन के प्यार का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन कुछ बातों का ध्यान रखना शुभ माना जाता है।
भाई और बहन दोनों सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें। इसके बाद शुभ समय में तिलक करना अच्छा माना जाता है।
बहनें पहले चावल के घोल से चौक बनाएं और भाई को उस पर बैठाएं। फिर रोली, चंदन और अक्षत (चावल) से तिलक करें। तिलक करते समय भाई का चेहरा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
भाई दूज पर तिलक करने का सबसे अच्छा समय दोपहर माना जाता है। आमतौर पर दोपहर 1 बजे से 3:30 बजे के बीच तिलक करना शुभ होता है।
कई जगहों पर बहनें सुबह से व्रत रखती हैं। वे पहले भाई को तिलक लगाकर आरती करती हैं, फिर उसे भोजन कराती हैं और उसके बाद खुद खाना खाती हैं।
इस दिन मांस-मदिरा जैसे तामसिक भोजन से दूर रहना चाहिए। भाई-बहन को आपस में झगड़ा या झूठ बोलने से भी बचना चाहिए।
तिलक के बाद बहनें भाई को नारियल और मिठाई खिलाती हैं। भाई भी अपनी बहन को उपहार देता है और उसकी रक्षा का वचन देता है।
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शाम के समय दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके यमराज के नाम का चौमुखा दीपक जलाना शुभ माना जाता है।
इन बातों का पालन करने से भाई-बहन के रिश्ते में प्यार और मिठास बनी रहती है और भाई की लंबी उम्र की कामना की जाती है।