सोम प्रदोष व्रत आज, इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा, सारे बिगड़े काम बना देंगे भोले बाबा
Som Pradosh Vrat Shiv Puja Muhurat: सोम प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित एक महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है। इस दिन भक्त शुभ मुहूर्त में पूजा और व्रत रखकर भोले बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
- Written By: सीमा कुमारी
शिव-पार्वती (सौ.सोशल मीडिया)
Som Pradosh Vrat Today: आज यानी 16 मार्च को चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर सोम प्रदोष व्रत रखा जा रहा हैं। धर्म ग्रथों में बताया गया है कि, जो भी भक्त निश्चल एवं सह्रदय मन से प्रदोष व्रत रखता है उस पर देवों के देव महादेव की असीम कृपा बरसती हैं, जिससे जीवन के दुख, दरिद्रता और पाप नष्ट हो जाते हैं।
हर महीने की दोनों त्रयोदशी तिथियों को प्रदोष काल में शिव-पार्वती की पूजा और “ॐ नमः शिवाय” के जाप से मनोकामनाएं पूरी होती हैं, नकारात्मकता दूर होती है और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
आज प्रदोष काल में इस मुहर्त करें पूजा
ज्योतिष गणना के अनुसार, पंचांग के अनुसार कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 16 मार्च को सुबह 9 बजकर 40 मिनट से शुरू होकर 17 मार्च को सुबह 9 बजकर 23 मिनट तक रहेगी।
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भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे शुभ समय
भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे शुभ समय प्रदोष काल माना जाता है। आज प्रदोष काल का समय शाम 6:30 बजे से रात 8:54 बजे तक रहेगा। बताया जाता है कि इसी समय भगवान शिव की पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
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सोम प्रदोष व्रत पूजा विधि
- सोम प्रदोष व्रत के दिन भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
- भगवान शिव का स्मरण करते हुए व्रत का संकल्प लें।
- इसके बाद भगवान शिव का दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें।
- शिवलिंग पर बेलपत्र, पुष्प, धूप और दीप अर्पित करें।
- पूजा के समय शक्कर और घी से बने मिष्ठान का भोग लगाया जाता है।
- इसके बाद शिव चालीसा का पाठ करें।
- इसके बाद प्रदोष व्रत की कथा पढ़ी जाती है और अंत में घी के दीपक से भगवान शिव की आरती की जाती है।
- दिनभर उपवास रखते हुए मन ही मन शिव का ध्यान करें।
- शाम के समय पुनः स्नान करें और प्रदोष काल में भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करें।
- मान्यता है कि सच्चे मन से किए गए सोम प्रदोष व्रत से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की
- मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। यही कारण है कि शिव भक्तों के लिए यह व्रत बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है।
