Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • बुध, 5 अगस्त 2026
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • ई-पेपर
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

दिवाली के दिन जुआ खेलना चाहिए या नहीं, जानिए क्या कहते हैं सनातन धर्म के संस्कार

Diwali: हर साल दिवाली के दिन ताश खेलने की परंपरा है। यह परंपरा सदियों से ऐसे ही चली आ रही है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन ताश खेलने से मां लक्ष्मी की असीम कृपा प्राप्त होती है।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Oct 17, 2025 | 10:09 PM

क्या दिवाली के दिन खेलना चाहिए जुआ और ताश (सौ.सोशल मीडिया)

Follow Us
Follow Us:

Gambling Diwali Tradition: रोशनी और खुशियों का त्योहार दीपावली भारतीय संस्कृति में बड़ा महत्व रखता है। इस त्योहार को लेकर लोगों में बड़ा उत्साह एवं उमंग देखा जाता है। लोग इस दिन अपने घरों में धन और एश्वर्य की देवी मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करते हैं। साथ ही, दीये भी जलाए जाते हैं।

कहा जाता है कि दिवाली के दिन न केवल दीये जलाए जाते हैं बल्कि यह अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक का पर्व भी है।

हालांकि, इस पवित्र पर्व में जुआ यानी ताश के पत्ते खेलने की एक परम्परा सदियों से चली आ रही है और आज भी दीपावली की रात जुआ खेला जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि यह सही है कि गलत। क्या इस दिन ताश और जुआ खेलना चाहिए?

सम्बंधित ख़बरें

Sawan Vrat 2026: सावन में ये 6 व्रत करने वाले पर बरसती है भोलेनाथ की विशेष कृपा, क्या आपने रखा इनमें से कोई

Kamika Ekadashi 2026: कामिका एकादशी पर चुपचाप कर लें ये 5 महाउपाय, भगवान विष्णु की कृपा से बदल सकती है किस्मत

Sawan 2026: सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाने से पहले जान लें ये 4 नियम, एक छोटी भूल भी पड़ सकती है भारी

6 August 2026 Panchang: अष्टमी तिथि पर बन रहे हैं कई शुभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा का सही समय

क्या दिवाली के दिन खेलना चाहिए जुआ और ताश

प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, भारत में प्राचीन काल से ही जुआ खेलने का चलन रहा है। समय के अनुसार, इस खेल ने अपना रूप बदला। पहले जुआ चौसर और चौपड़ के रूप में खेला जाता था, लेकिन अब यह ताश और अन्य तरह से खेला जाता है।

दिवाली के दिन ताश और जुआ खेलने की प्रथा के साथ भगवान शंकर और माता पार्वती के जुआ खेलने के प्रसंग को जोड़ा जाता है।

एक कथा के अनुसार, दिवाली के दिन भगवान शिव और माता पार्वती ने जुआ खेला था। इसमें भगवान शिव को हार का मुंह देखना पड़ा था, तभी से यह परंपरा दिवाली के दिन से जोड़ दी गई है। हालांकि भगवान शिव और माता पार्वती द्वारा जुआ खेलने का कोई ठोस तथ्य किसी ग्रन्थ में नहीं है।

दअरसल, दिवाली के दिन खेले जाने वाले जुए का मुख्य लक्ष्य साल भर भाग्य की परीक्षा होता है। महाभारत काल के समय भी जुआ खेला गया था, जिसमें कौरवों ने पांडवों को छल से हराकर उनका राजपाट छीन लिया था।

क्या शास्त्र के अनुसार जुआ खेलना चाहिए

भारतीय समाज में जुए को एक सामाजिक बुराई माना जाता है। इसने इंसान तो क्या भगवान को भी कई बार परेशानियों में डाला है। जुआ एक सामाजिक बुराई होकर भी समाज में गहरी पैठ बनाए हुए है।

ये भी पढ़ें-धनतेरस पर वास्तु के अनुसार क्या खरीदना होगा बड़ा शुभ, जानिए

आज कानून जुआ खेलने की अनुमति नहीं देता। अतः दिवाली जैसे शुभ दिन पर जुआ खेलने जैसा गलत काम करना बिल्कुल भी उचित नहीं है। कहा जाता है कि इस दिन जुआ या ताश नहीं खेलना चाहिए। कई बार शगुन का खेल दुर्गुण में बदल जाता है।

 

Should one gamble on diwali day or not

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Oct 17, 2025 | 10:09 PM

Topics:  

  • Bhai Dooj
  • Dhanteras
  • Diwali
  • Religion News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.