Sawan 2026: सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाने से पहले जान लें ये 4 नियम, एक छोटी भूल भी पड़ सकती है भारी
Sawan 2026 Shiv Puja: सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है, लेकिन पूजा से पहले कुछ जरूरी नियमों का पालन करना भी आवश्यक है। जानिए वे 4 महत्वपूर्ण नियम के बारें में।
- Written By: सीमा कुमारी
शिवलिंग पर जल चढ़ाना शुभ (सौ.AI)
Shivling Par Jal Chadhane Ki Sahi Vidhi: सावन महीना भगवान शिव और मां पार्वती की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि, सावन में शिवलिंग पर श्रद्धा से एक लोटा जल अर्पित करने मात्र से भी भगवान भोलेनाथ प्रसन्न हो जाते है और भक्तों की सारी मनोकामना भी पूरी करते है।
हालांकि, जलाभिषेक करते समय कुछ नियमों का पालन करना जरूरी माना गया है। मान्यता है कि अनजाने में की गई छोटी-सी गलती भी पूजा के शुभ फल को प्रभावित कर सकती है।
शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय न करें 4 गलतियां
-
सही दिशा का रखें ध्यान
शास्त्रों के अनुसार, शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय सही दिशा का ध्यान रखना चाहिए। शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय उत्तर दिशा की ओर मुख करके पूजा करना शुभ माना जाता है। उत्तर दिशा को भगवान शिव का धाम कैलाश की दिशा माना जाता है।
सम्बंधित ख़बरें
Kamika Ekadashi 2026: कामिका एकादशी पर चुपचाप कर लें ये 5 महाउपाय, भगवान विष्णु की कृपा से बदल सकती है किस्मत
6 August 2026 Panchang: अष्टमी तिथि पर बन रहे हैं कई शुभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा का सही समय
Bhagavad Gita: आसपास नकारात्मक लोग हों तब भी घर को ऐसे रखें खुशहाल और शांत, गीता से सीखें ये 5 आसान उपाय
सावन का पहला सोम प्रदोष व्रत कब है? नोट कर लें डेट और मुहूर्त, इस दिन बन रहा है दुर्लभ महासंयोग
-
तेज धार से जल न चढ़ाएं
शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय सही दिशा के अलावा, शिवलिंग पर जल हमेशा शांत मन और श्रद्धा के साथ चढ़ाएं। खड़े होकर या बहुत तेज धार से जल अर्पित करने के बजाय बैठकर या थोड़ा झुककर धीरे-धीरे जल चढ़ाएं. जलाभिषेक करते समय ‘ॐ नमः शिवाय’ या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।
-
शंख में जल डालकर न करें अर्पित
धर्म ग्रथों में ये भी बताया गया है कि, शिव पूजा से लेकर शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय शंख का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अगर आप ऐसा करते हैं तो भगवान शिव के आशीर्वाद से आप वंचित रह सकते हैं।
ये भी पढ़ें– Bhagavad Gita: आसपास नकारात्मक लोग हों तब भी घर को ऐसे रखें खुशहाल और शांत, गीता से सीखें ये 5 आसान उपाय
-
तांबे के लोटे में दूध भरकर न चढ़ाएं
जलाभिषेक के लिए तांबे का लोटा शुभ माना जाता है, लेकिन तांबे के बर्तन में दूध भरकर शिवलिंग पर अर्पित नहीं करना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार तांबे के संपर्क में आने से दूध अर्पित करने योग्य नहीं रहता हैं। इसलिए दूध चढ़ाने के लिए पीतल, चांदी या स्टील के पात्र का इस्तेमाल कर सकते हैं।
इन बातों का भी रखें खास ध्यान
ऊपर बताए गए नियमों के अलावा इस बात का भी ख्याल रखें कि शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय शिव मंत्रों का जप भी अवश्य करें। जल अर्पित करते समय अगर आप केवल ॐ का उच्चारण भी करते हैं तो शुभ फलों की प्राप्ति आपको हो सकती है। सावन के महीने में अगर आप शिवलिंग पर जल अर्पित करने वाले हैं तो जल के साथ-साथ आपको बेलपत्र, भांग-धतूरा आदि भी अर्पित करना चाहिए।
