रुद्राभिषेक में शृंगी का क्या है रहस्यमयी महत्व? शिव पुराण से जानिए क्यों इससे जल चढ़ाना माना जाता है शुभ
Shiv Purana Sawan Rudrabhishek: शिव पुराण के अनुसार शृंगी से जल अर्पित करने से पूजा का विशेष फल प्राप्त होता है, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और महादेव की कृपा प्राप्त होती है।
- Written By: सीमा कुमारी
शृंगी से जल चढ़ाने का महत्व (सौ.AI)
Shringi In Rudrabhishek : शिव जी कृपा पाने के लिए सावन महीना बहुत ही शुभ माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु शिवलिंग पर जल, दूध, पंचामृत और बेलपत्र आदि अर्पित करके भोलेनाथ की पूजा करते हैं। मान्यता है कि, ऐसा करने से भगवान भोलेनाथ सबकी मनोकामना पूरी करते है। आपने देखा होगा है कि, कई शिवभक्त शिव मंदिर में रुद्राभिषेक भी करते है। खासकर, सावन महीने में।
शिव पुराण में बताया गया है कि, भगवान शिव की पूजा में रुद्राभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है, खासकर सावन के महीने में। इस दौरान श्रद्धालु शिवलिंग का जल, दूध आदि पवित्र सामग्री से अभिषेक कर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
रुद्राभिषेक के दौरान शृंगी से शिवलिंग पर जल चढ़ाने की परंपरा सदियों पुरानी है। ऐसी मान्यता है कि शृंगी से जल अर्पित करने से यह अनुष्ठान अधिक फलदायी होता है। तो आइए बिना देर जानते हैं कि शृंगी क्या है, आखिर क्यों रुद्राभिषेक में इसका विशेष महत्व है।
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शृंगी एक प्रकार का पात्र है
लोक मान्यता के अनुसार, शृंगी पूजा-अर्चना में इस्तेमाल होने वाला एक विशेष प्रकार का पात्र है, जिसका आकार पशु के सींग जैसा होता है। इसे आमतौर पर तांबे, पीतल या चांदी जैसी धातुओं से बनाया जाता है। रुद्राभिषेक के दौरान इसी पात्र से शिवलिंग पर लगातार जलधारा प्रवाहित की जाती है।
शृंगी से जल चढ़ाने का क्यों इतना है महत्व?
बताया जाता है कि, शृंगी से निकलने वाली जलधारा बिना रुके सीधे शिवलिंग तक पहुंचती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यही निरंतर जलधारा भगवान शिव को अत्यंत प्रिय मानी जाती है। कहा जाता है कि इस विधि से किया गया जलाभिषेक पूजा के प्रभाव को बढ़ाता है और साधक को भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
पौराणिक कथाओं और शिवमहापुराण के अनुसार, श्रृंगी भगवान शिव को उनके परम भक्त नंदी ने उपहार स्वरुप दी थी। महादेव ने इसको अपने अभिषेक लिए पात्र के रूप स्वीकार किया था। तभी से श्रृंगी से महादेव का रुद्राभिषेक करने की पंरपरा चली आ रही है।
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महादेव को प्रसन्न करने का सरल उपाय है रुद्राभिषेक
रुद्राभिषेक अनुष्ठान महादेव को प्रसन्न करने का सरल और प्रभावी उपाय बताया है। इस अनुष्ठान में वैदिक मंत्रों के साथ शिवलिंग का जल, दूध, दही, घी, शहद और अन्य पवित्र सामग्रियों से अभिषेक किया जाता है। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि बनी रहती है।
रुद्राभिषेक में शृंगी का प्रयोग करना शुभ होता है, लेकिन यह उपलब्ध न हो, तो तांबे के लोटे या किसी अन्य स्वच्छ पात्र से भी जल चढ़ा सकते हैं। बस इस बात का ध्यान रखें कि जलधारा लगातार शिवलिंग पर गिरती रहे।
