सावन में खुली शराब और मीट की दुकानों पर भड़का हिंदू संगठन, प्रशासन को दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम, देखें VIDEO
Agra Rashtriya Hindu Parishad: आगरा में सावन के पवित्र महीने को लेकर राष्ट्रीय हिंदू परिषद ने प्रदर्शन किया है। कांवड़ मार्ग पर मीट और शराब की दुकानें बंद करने या ढकने की मांग उठाई गई है।
- Written By: करुणा नंद शाहवाल
Agra Sawan Month Protests Liquor And Meat Shops Ban: सावन के पवित्र महीने को लेकर उत्तर प्रदेश के आगरा में राष्ट्रीय हिंदू परिषद भारत की ओर से कड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोविंद पारास के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने आगरा कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला प्रशासन के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं। संगठन की मुख्य मांग है कि सावन के दौरान कांवड़ मार्ग और प्रसिद्ध मंदिरों के रास्तों पर पड़ने वाली मीट और अंडे की दुकानों को पूरी तरह से बंद रखा जाए, साथ ही शराब की दुकानों को बाहर से ढंका जाए।
इसके अलावा, कांवड़ियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए हर पांच किलोमीटर पर पुलिस बल और डॉक्टर की तैनाती करने की बात कही गई है। साथ ही सड़कों को गड्ढा मुक्त और साफ-सुथरा बनाने का आग्रह किया गया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर प्रशासन ने इन मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाया, तो राष्ट्रीय हिंदू परिषद उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी
Agra Sawan Month Protests Liquor And Meat Shops Ban: सावन के पवित्र महीने को लेकर उत्तर प्रदेश के आगरा में राष्ट्रीय हिंदू परिषद भारत की ओर से कड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोविंद पारास के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने आगरा कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला प्रशासन के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं। संगठन की मुख्य मांग है कि सावन के दौरान कांवड़ मार्ग और प्रसिद्ध मंदिरों के रास्तों पर पड़ने वाली मीट और अंडे की दुकानों को पूरी तरह से बंद रखा जाए, साथ ही शराब की दुकानों को बाहर से ढंका जाए।
इसके अलावा, कांवड़ियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए हर पांच किलोमीटर पर पुलिस बल और डॉक्टर की तैनाती करने की बात कही गई है। साथ ही सड़कों को गड्ढा मुक्त और साफ-सुथरा बनाने का आग्रह किया गया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर प्रशासन ने इन मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाया, तो राष्ट्रीय हिंदू परिषद उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी
