
भगवान विष्णु (सौ.सोशल मीडिया)
Shattila Ekadashi Vrat Paran Muhurt: हर साल माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाने वाला षटतिला एकादशी का व्रत इस साल 14 जनवरी को रखा गया। यह शुभ एवं पावन तिथि जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है।
सनातन धर्म में षटतिला एकादशी का व्रत अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इस व्रत के अगले दिन द्वादशी तिथि को विधिपूर्वक पारण किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, यदि पारण सही नियमों से न किया जाए तो व्रत का पूरा फल प्राप्त नहीं होता।
षटतिला एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि के दिन किया जाता है। ऐसे में षटतिला एकादशी का पारण 15 जनवरी 2026 को किया जाएगा। द्वादशी तिथि की शुरुआत 14 जनवरी की शाम 5 बजकर 55 मिनट पर हो जाएगी।
हालांकि, उदयातिथि के अनुसार व्रत का पारण 15 जनवरी को ही होगा। षटतिला एकादशी व्रत के पारण के लिए 15 जनवरी को सुबह 7 बजकर 14 मिनट से 9 बजकर 21 मिनट तक का समय शुभ रहेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, षटतिला एकादशी पारण के दिन सबसे पहले भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करें और फिर भोग लगाएं। इसके बाद ही व्रती कुछ ग्रहण करें।
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एकादशी का व्रत तुलसी खाकर खोलें या फिर प्रसाद खाकर। एकादशी पारण के दिन सात्विक आहार ही ग्रहण करें। पारण के दिन भी तामसिक चीजों से दूर रहें। लहसुन-प्याज आदि चीजों का सेवन न करें। एकादशी व्रत के पारण में आंवला, चावल आदि खाना शुभ माना जाता है।






