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शकुनि का बेटा कौन था? महाभारत की राजनीति के पीछे छिपी एक अनसुनी कहानी

Mahabharat में जब भी षड्यंत्र, राजनीति और चतुर चालों की बात होती है, तो सबसे पहले नाम आता है शकुनि का। गांधार नरेश शकुनि को एक कुशल रणनीतिकार और धूर्त मामा के रूप में चित्रित किया गया है।

  • Written By: सिमरन सिंह
Updated On: Feb 13, 2026 | 05:16 PM

Shakuni (Source. Pinterest)

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Who Was Shakuni Son: महाभारत में जब भी षड्यंत्र, राजनीति और चतुर चालों की बात होती है, तो सबसे पहले नाम आता है शकुनि का। गांधार नरेश शकुनि को एक कुशल रणनीतिकार और धूर्त मामा के रूप में चित्रित किया गया है, जिसने दुर्योधन के साथ मिलकर पांडवों के खिलाफ कई योजनाएँ रचीं। लेकिन एक सवाल अक्सर अनसुना रह जाता है क्या शकुनि का कोई पुत्र था? ग्रंथों के अनुसार, शकुनि के पुत्र का नाम उलूक था। हालांकि उसका उल्लेख सीमित है, लेकिन महाभारत के युद्ध प्रसंगों में वह एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता दिखाई देता है।

उलूक: कौरवों का दूत और विश्वासपात्र

महाभारत के अनुसार, कुरुक्षेत्र युद्ध से ठीक पहले दुर्योधन ने उलूक को पांडवों के पास दूत बनाकर भेजा था। वह कौरव पक्ष की ओर से संदेश लेकर पांडव शिविर में पहुंचा। उलूक ने पांडवों के सामने कौरवों की ओर से कठोर और चुनौतीपूर्ण शब्दों में संदेश सुनाया। यह घटना दर्शाती है कि वह न केवल अपने पिता शकुनि के निकट था, बल्कि कौरवों के प्रति पूरी तरह समर्पित भी था। दूत बनकर जाना कोई साधारण जिम्मेदारी नहीं थी। यह काम उसी को सौंपा गया, जिस पर दुर्योधन और शकुनि दोनों को पूरा भरोसा था।

युद्धभूमि में अंत

उलूक केवल संदेशवाहक ही नहीं था, बल्कि वह कुरुक्षेत्र के महासंग्राम में सक्रिय रूप से कौरवों की ओर से लड़ा भी। महाभारत के वर्णनों के अनुसार, युद्ध के दौरान उलूक वीरगति को प्राप्त हुआ। कहा जाता है कि उसका वध सहदेव ने किया वही सहदेव, जिसने बाद में शकुनि का भी अंत किया। यह प्रसंग महाभारत की उस त्रासदी को उजागर करता है, जिसमें एक ही परिवार के कई सदस्य युद्ध की भेंट चढ़ गए।

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पिता की नीति, पुत्र की नियति

शकुनि को अक्सर राजनीति और षड्यंत्र का प्रतीक माना जाता है, लेकिन उसके जीवन का यह पहलू कम चर्चा में आता है कि उसका अपना पुत्र भी उसी युद्ध में मारा गया, जिसकी आग भड़काने में उसने भूमिका निभाई थी। उलूक केवल एक योद्धा नहीं था, बल्कि वह उस पारिवारिक महत्वाकांक्षा और प्रतिशोध की कहानी का हिस्सा था, जिसने पूरे कुरु वंश को विनाश की ओर धकेल दिया। इस तरह, शकुनि और उलूक की कहानी हमें यह भी सिखाती है कि युद्ध और राजनीति की कीमत अक्सर परिवारों को चुकानी पड़ती है।

Shakunis son an untold story behind the politics of the mahabharata

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Published On: Feb 13, 2026 | 05:16 PM

Topics:  

  • Mahabharat
  • Religion
  • Sanatana Dharma

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