सावन में शिवलिंग पर जरूर चढ़ाएं ये खास इत्र, महादेव को है बेहद प्रिय; जानें इससे जुड़े रहस्यमयी लाभ
Shivling Par Itr: सावन में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि शिवलिंग पर प्रिय इत्र अर्पित करने से महादेव प्रसन्न होते हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
- Written By: सीमा कुमारी
शिवलिंग पर इत्र (सौ.AI)
Shivling Par Itr Chadhane Ke Fayde : हिंदू धर्म में भगवान शिव ही एकमात्र ऐसे देवता माने जाते हैं, जो अपने भक्तों की थोड़ी-सी भक्ति और सच्ची श्रद्धा से भी प्रसन्न हो जाते हैं। मान्यता है कि भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए बड़े पूजा- पाठ करने की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि सच्चे मन से चढ़ाया गया एक लोटा जल और एक बेलपत्र भी काफी है।
सावन के महीने में भक्त उन्हें खुश करने के लिए जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, बेलपत्र और तरह-तरह के फल-फूल अर्पित करते हैं, लेकिन अक्सर एक चीज भूल जाते हैं, जो भगवान शिव को बेहद प्रिय है, वो है ‘इत्र’ खुशबू केवल सुगंध के लिए ही नहीं होती है, बल्कि अपने भक्ति और श्रद्धा का भी प्रतीक मानी जाती है।
भगवान शिव को बेहद प्रिय है ये इत्र’
शिवपुराण में भगवान शिव को श्रावण मास में उनका सबसे प्रिय इत्र अर्पित करना शुभ माना जाता है। उन्हें कृत्रिम इत्र की बजाय प्राकृतिक खुशबू वाले इत्र लगाना चाहिए।
सम्बंधित ख़बरें
सावन में दिखी आस्था की भव्य तस्वीर; CM Yogi ने कांवड़ियों पर बरसाए फूल; हर-हर बम-बम से गूंजा उत्तर प्रदेश
Varalakshmi: दिवाली जितना खास है सावन का ये शुक्रवार, इस दिन लक्ष्मी पूजा से खुल सकते हैं समृद्धि के द्वार
Puja Time: दोपहर 12 से 4 बजे के बीच क्यों नहीं करनी चाहिए पूजा? जानें क्या है इसके पीछे की धार्मिक मान्यता
Sawan Somwar: सावन के दूसरे सोमवार को बन रहा ‘दुर्लभ शिव संयोग’, इस दिन पूजा से क्यों मिल सकता है कई गुना फल
खस, केवड़ा, गुलाब और मोगरा
महादेव को खस, केवड़ा, गुलाब और मोगरा का इत्र काफी प्रिय है। ये सभी इत्र भगवान शिव को ठंडक प्रदान करते हैं, जो प्राकृतिक के सबसे बड़े गुणों में शामिल है।
शिवलिंग पर इत्र चढ़ाने के क्या है लाभ?
-
शुद्धता और सकारात्मकता
इत्र की भीनी खुशबू आसपास के वातावरण को पवित्र करती है और मन के विचार शुद्ध होते हैं।
-
सौभाग्य औरआकर्षण
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिवलिंग पर इत्र चढ़ाने से जीवन में सकारात्मकता, आकर्षण और मान-सम्मान बढ़ता है।
-
रोग निवारण
ऐसा माना जाता है कि सही विधि से शिवलिंग के विशेष स्थानों पर इत्र या सुगंधित द्रव्य अर्पित करने से स्वास्थ्य लाभ मिलता है और कष्ट दूर होते हैं।
ये भी पढ़ें-Varalakshmi: दिवाली जितना खास है सावन का ये शुक्रवार, इस दिन लक्ष्मी पूजा से खुल सकते हैं समृद्धि के द्वार
इत्र अर्पित करने के प्रमुख स्थान
-
शिवलिंग का ऊपरी भाग
यहां इत्र लगाने से आध्यात्मिक चेतना जागृत होती है।
-
मध्य भाग
यह स्थान माता पार्वती और भगवान शिव के संयुक्त स्वरूप का प्रतीक माना जाता है।
-
जलहरी का स्थान
यहां इत्र या जलार्पण करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
