Sawan Somwar: सावन के दूसरे सोमवार को बन रहा ‘दुर्लभ शिव संयोग’, इस दिन पूजा से क्यों मिल सकता है कई गुना फल
Sawan Somwar Auspicious Time:सावन के दूसरे सोमवार पर बन रहे दुर्लभ शिव संयोग में भगवान शिव की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन की गई आराधना कई गुना फल प्रदान करती है।
- Written By: सीमा कुमारी
भगवान भोलेनाथ (सौ.AI)
Second Sawan Somwar 2026: इस वर्ष सावन माह का दूसरा सोमवार 10 अगस्त 2026 को है। इस दिन सोम प्रदोष व्रत का भी दुर्लभ एवं अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है, जिसे शिव उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। महादेव को सोमवार और प्रदोष, दोनों ही अत्यंत प्रिय हैं। इस दुर्लभ शिव संयोग में शिव पूजा और मंत्र जाप से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। तो आइए जानते हैं यह दिन शिव जी का आराधना के लिए क्यों विशेष माना जा रहा है।
सावन के दूसरे सोमवार को बन रहा दुर्लभ शिव संयोग
ज्योतिषयों के अनुसार, सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। सोमवार उनका प्रिय दिन है, जबकि प्रदोष तिथि शिव आराधना के लिए सबसे श्रेष्ठ बताई है। जब सावन का सोमवार और सोम प्रदोष व्रत एक साथ आते हैं तो शिव जी की उपासना का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
क्यों खास माना जाता यह है संयोग?
ज्योतिष बताते है कि, जब सावन सोमवार के साथ भगवान शिव से जुड़े प्रमुख व्रत या पर्व एक ही दिन आते हैं, तो उसे बेहद शुभ माना जाता है। 10 अगस्त को सोमवार, सावन और प्रदोष व्रत का संगम बनेगा।
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इसके बाद 17 अगस्त को सावन सोमवार और नाग पंचमी एक साथ पड़ेंगे। यही वजह है कि इन दोनों तिथियों को दुर्लभ शिव संयोग कहा जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन की गई पूजा, व्रत और मंत्र जाप का विशेष फल मिलता है।
सावन सोमावर और प्रदोष व्रत एकसाथ हो तो क्या लाभ मिलता
सावन में शिव पूजा और व्रत के लिए सभी सोमवार बहुत खास होते हैं लेकिन अगर इस दिन प्रदोष व्रत का संयोग बन जाए तो शास्त्र अनुसार ये दिन अत्यंत पुण्यदायक हो जाता है। ऐसे में शिव पूजा का फल शीघ्र प्राप्त होने की मान्यता है।
रुद्राभिषेक और जलाभिषेक का फल सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक मिलता है। विवाह में आ रही बाधाएं दूर होने और योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति की कामना जल्द पूरी हो सकती है।
दांपत्य जीवन में सुख और लव लाइफ में आ रही परेशानी दूर होती है। संतान सुख, आरोग्य और दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
आर्थिक संकट, कर्ज और मानसिक तनाव से राहत मिल सकती है। इस दिन घर में पूजा, मंत्र जाप करने से परिवार में चले रहे विवाद का शिव कृपा से समाधान निकलता है।
इस अवसर पर करें ये शुभ काम
यह तिथि शिव पूजा के लिए सर्वोत्तम बताई जा रही है। अगर आप भी इस पुण्य तिथि का ज्यादा से ज्यादा लाभ लेना चाहते हैं तो, इस दिन शिवलिंग पर जल और गंगाजल से अभिषेक करें। उन्हें बेलपत्र, धतूरा और आक के फूल अर्पित करें। महामृत्युंजय मंत्र और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जाप विशेष फलदायी रहेगा है। घी का दीपक जलाकर शिव आरती करें। व्रत रखकर सात्विक जीवन और संयम का पालन करें।
