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घर में मां सरस्वती की पूजा करने की क्या है विधि, क्या हैं सामग्री? साथ ही नोट करें पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त

Saraswati Puja Benefits: मां सरस्वती की पूजा से ज्ञान और बुद्धि बढ़ती है। बसंत पंचमी या शुभ मुहूर्त में घर पर पीले फूल, दीप-धूप और किताबें अर्पित करके पूजा की जाती है।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Jan 21, 2026 | 08:04 PM

बसंत पंचमी का धार्मिक महत्व (सौ.सोशल मीडिया)

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Saraswati Puja Rules: बसंत पंचमी का पावन पर्व हर वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार, इस वर्ष 2026 में पंचमी तिथि 23 जनवरी को सुबह 02:28 बजे से प्रारंभ होकर 24 जनवरी को रात्रि 01:46 बजे तक रहेगी। ऐसे में बसंत पंचमी का पर्व 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को पूरे श्रद्धा भाव और धार्मिक विधि-विधान के साथ मनाया जाएगा

बसंत पंचमी का धार्मिक महत्व

शास्त्रों के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन यदि घर में नियमपूर्वक और विधि-विधान से मां सरस्वती की पूजा की जाए, तो ज्ञान में वृद्धि होती है, मानसिक स्पष्टता प्राप्त होती है और अध्ययन में एकाग्रता बढ़ती है। इसी कारण इस दिन घरेलू सरस्वती पूजा का विशेष महत्व बताया गया है।

क्या है मां सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त

  • बसंत पंचमी के दिन पूजा करना सबसे श्रेष्ठ माना जाता है।
  • पूजा का उत्तम समय प्रातः ब्रह्म मुहूर्त या मध्याह्न काल होता है।
  • यदि विशेष तिथि न हो, तो बुधवार या गुरुवार को भी मां सरस्वती की पूजा की जा सकती है।
  • पूजा करते समय मन शांत रखें और जल्दबाज़ी से बचें।

मां सरस्वती पूजा के लिए क्या है सामग्री

  • मां सरस्वती की प्रतिमा या चित्र
  • सफेद या पीले फूल
  • सफेद वस्त्र (चुनरी/कपड़ा)
  • अक्षत (चावल)
  • चंदन या हल्दी
  • दीपक और शुद्ध घी/तेल
  • धूप
  • मिश्री, खीर या पीले फल केला
  • पुस्तकें, कॉपी, कलम पूजा के लिए
  • माला (यदि जाप करना हो)

कैसे करें घर में मां सरस्वती की पूजा विधि

  • सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें।
  • पूजा स्थान को स्वच्छ करें और पूर्व या उत्तर दिशा में बैठें।
  • मां सरस्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  • दीपक जलाकर धूप अर्पित करें।
  • मां को फूल, अक्षत और भोग अर्पित करें।
  • अपनी पुस्तकें, कॉपियाँ और कलम मां के चरणों में रखें।
  • “ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • मां से विद्या, बुद्धि और सद्बुद्धि का आशीर्वाद मांगें।
  • अंत में आरती करें और भोग प्रसाद रूप में ग्रहण करें।

ये भी पढ़ें-बसंत पंचमी के दिन किस दिशा में करें मां सरस्वती की स्थापना? जानिए सबसे शुभ दिशा, जो दिलाएगी जीवन में सफलता

मां सरस्वती पूजा के क्या है जरूरी नियम

  • पूजा के दिन साफ और सात्त्विक भोजन करें।
  • क्रोध, झूठ और नकारात्मक विचारों से बचें।
  • पूजा के समय पुस्तकों का अपमान न करें।
  • पूजा के बाद उसी दिन नई पढ़ाई या लेखन की शुरुआत शुभ मानी जाती है।
  • छोटे बच्चे भी पूजा में शामिल हों, यह अत्यंत शुभ माना जाता है।

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Saraswati puja rituals and procedure

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Published On: Jan 21, 2026 | 08:04 PM

Topics:  

  • Basant Panchami Importance
  • Religion
  • Saraswati Puja

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