बसंत पंचमी के दिन किस दिशा में करें मां सरस्वती की स्थापना? जानिए सबसे शुभ दिशा, जो दिलाएगी जीवन में सफलता

Saraswati Puja At Home: बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की सही दिशा में स्थापना करने से बुद्धि, ज्ञान और करियर में सफलता के योग बनते हैं। जानिए वास्तु के अनुसार सबसे शुभ दिशा और पूजा से जुड़े खास नियम।
Saraswati Puja Direction
मां सरस्वती की स्थापना(सौ.सोशल मीडिया)
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Saraswati Puja Direction:शुक्रवार, 23 जनवरी को देशभर में वसंत पंचमी का पावन पर्व मनाया जाएगा। इस शुभ दिन पर ज्ञान की देवी मां सरस्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मां सरस्वती का अवतरण हुआ था।

इसलिए इस तिथि पर वसंत पंचमी का पर्व बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन सुबह स्नान करने के बाद लोग घरों में मां सरस्वती की मूर्ति स्थापित कर पूजा-अर्चना करते हैं।

ऐसा माना जाता है कि गलत दिशा में मां सरस्वती की मूर्ति स्थापित करने से साधक यानी व्यक्ति को पूजा का पूरा फल नहीं मिलता है। इसलिए शुभ दिशा में मां सरस्वती की मूर्ति स्थापित करनी चाहिए।

साथ ही मूर्ति को घर लाने से पहले वास्तु शास्त्र के नियम के बारे में जरूर जान लें। ऐसे में आइए हम आपको बताते हैं किस मुद्रा में होनी चाहिए मां सरस्वती की मूर्ति और स्थापित करने की सही दिशा।

मां सरस्वती की मूर्ति को स्थापित करने का क्या हैं शुभ दिशा

  • पूर्व दिशा

वास्तु शास्त्र के अनुसार, मां सरस्वती की मूर्ति को स्थापित करने के लिए पूर्व दिशा को शुभ माना जाता है। इस दिशा में सरस्वती की मूर्ति को स्थापित कर पूजा करने से साधक को ज्ञान की प्राप्ति होती है और मां सरस्वती की कृपा प्राप्त होती है।

  • उत्तर पूर्व दिशा

इसके अलावा,मां सरस्वती की मूर्ति को स्थापित करने के लिए उत्तर पूर्व दिशा को शुभ माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिशा में मां सरस्वती की मूर्ति को स्थापित करने से धन में वृद्धि होती है और करियर में सफलता के मार्ग खुलते हैं।

  • उत्तर दिशा

सुख-समृद्धि में वृद्धि के लिए मां सरस्वती की मूर्ति को उत्तर दिशा में स्थापित कर सकते हैं। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है और करियर और जॉब में सफलता मिलता है।

किस मुद्रा में होनी चाहिए मां सरस्वती की मूर्ति

  • कमल के फूल

वसंत पंचमी की पूजा के लिए कमल के फूल पर बैठी हुई मां सरस्वती मूर्ति की पूजा करना शुभ माना जाता है। इस मुद्रा को एकाग्रता का प्रतीक माना जाता है।

  • चेहरे पर प्रसन्नता का भाव

मां सरस्वती के चेहरे पर प्रसन्नता का भाव होना चाहिए। घर में उदास मुद्रा वाली मुद्रा नहीं रखनी चाहिए।

  • हाथों में वीणा

मां सरस्वती के दो हाथों में वीणा हो, जो संगीत और कला का प्रतीक माना जाता है।

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