Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

शिवलिंग के सामने तीन बार ताली क्यों बजाते हैं भक्त? जानें पौराणिक कारण और आध्यात्मिक महत्व

Shivling Ke Samne 3 Tali Kyu Bajate Hain: भगवान शिव की आराधना के लिए हर समय को श्रेष्ठ माना जाता है। ऐसे में भक्त शिव जी की पूजा करते हुए कई नियमों को भी करते है जिसमें से एक तीन बार ताली बजाना भी है।

  • Written By: सिमरन सिंह
Updated On: Dec 05, 2025 | 04:28 PM

शिव जी की पूजा कैसे करें। (सौ. Gemini)

Follow Us
Close
Follow Us:

Shivling Ke Samne Tali Kyu Bajate Hain: भगवान शिव की आराधना के लिए हर समय को श्रेष्ठ माना जाता है। लाखों भक्त शिवालयों में जलाभिषेक करते हुए भगवान शिव की पौजा करते है। पूजा के बाद कई लोग शिवलिंग के सामने तीन बार ताली बजाते हैं। यह सिर्फ एक क्रिया नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति श्रद्धा, समर्पण और आध्यात्मिक जुड़ाव का प्रतीक है।

तीन तालियां: गहन धार्मिक महत्व

शिवलिंग के सामने तीन बार ताली बजाना एक प्राचीन धार्मिक परंपरा है, जिसका हर कदम विशेष अर्थ रखता है।

  • पहली ताली भगवान के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का संकेत है।
  • दूसरी ताली मनोकामना पूर्ति, समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना का प्रतीक है।
  • तीसरी ताली भक्त की विनम्रता, क्षमा याचना और भगवान के चरणों में स्थान की इच्छा दर्शाती है।

त्रिदेवों का आह्वान और शिव के त्रिगुण

मान्यताओं के अनुसार, तीन बार ताली बजाना ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवों का आह्वान माना जाता है। यह शिवजी के त्रिगुणात्मक स्वभाव सतोगुण, रजोगुण और तमोगुण की उपासना का भी प्रतीक है। माना जाता है कि यह साधना भक्त के जीवन में सकारात्मकता बढ़ाती है और शीघ्र ही भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।

पौराणिक कथाओं में भी मिलता है उल्लेख

धार्मिक ग्रंथों में तीन तालियों का महत्व स्पष्ट रूप से मिलता है। कहा जाता है कि रावण ने शिव पूजा के बाद तीन बार ताली बजाई थी, जिसके बाद उसे सोने की लंका प्राप्त हुई। इसी प्रकार, जब भगवान श्रीराम माता सीता को खोजने के बाद लंका तक पहुंचने हेतु सेतु निर्माण कर रहे थे, तब रामेश्वरम में शिव पूजन के बाद श्रीराम ने तीन बार ताली बजाई और उसके बाद सेतु निर्माण सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ।

सम्बंधित ख़बरें

शुक्र प्रदोष व्रत की कथा पढ़ते ही खुल जाते हैं सौभाग्य के द्वार, जानिए व्रत की महिमा

प्रदोष के दिन शाम को ही क्यों होती है भगवान शिव की पूजा? जानिए असली रहस्य

प्रदोष व्रत में किन बातों का रखें ध्यान? इन नियमों के पालन से ही महादेव दूर करेंगे सारे कष्ट

जनवरी 2026 में दूसरा प्रदोष व्रत किस दिन? क्या है सबसे सही प्रदोष काल? जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त

ये भी पढ़े: सड़क किनारे दिखा अनोखा मंदिर, जहां लोग चढ़ाते हैं पानी की बोतलें, जानें क्यों शुरू हुई ये परंपरा

अन्य मान्यताएं और वैज्ञानिक दृष्टि

धार्मिक मान्यताओं से अलग, कई लोग तीन बार ताली बजाने को नकारात्मक ऊर्जा दूर करने वाला अभ्यास मानते हैं। ताली की ध्वनि से उत्पन्न कंपन आसपास की नकारात्मकता को समाप्त कर सकारात्मक ऊर्जा पैदा करता है, जिससे मन शांत होता है। वहीं, कुछ लोग इसे स्वास्थ्य से भी जोड़ते हैं। ताली बजाने से हाथों के एक्यूप्रेशर पॉइंट्स सक्रिय होते हैं, जो शरीर के विभिन्न अंगों में रक्त प्रवाह बढ़ाकर स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं।

Religion significance of clapping three times before lord shiva after puja

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Dec 05, 2025 | 02:23 PM

Topics:  

  • Lord Shiva
  • Mahadev Shiva
  • Shiv Puran
  • Shivling Puja

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.