Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

शनिदेव की विशेष कृपा पाने के लिए शनि जयंती की पूजा में सद्हृदय से पढ़ें यह व्रत कथा

शनि जयंती के दिन शनि देव की पूजा के दौरान ज्येष्ठ अमावस्या की व्रत कथा पढ़ने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है ।और जीवन की सभी परेशानियां दूर हो जाती है। ऐसे में आइए पढ़ते हैं शनि जयंती की कथा।

  • By सीमा कुमारी
Updated On: May 27, 2025 | 05:34 PM

शनि जयंती की व्रत कथा (सौ.सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

आज 27 मई को ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि है। ज्योतिषयों के अनुसार, ज्येष्ठ अमावस्या का संबंध शनि देव से भी है, क्योंकि इस दिन शनि देव का जन्म हुआ था। यही कारण है कि इसे शनि जयंती और शनि अमावस्या के रूप में मनाया जाता है। यह दिन विशेष रूप से शनि देव की पूजा और उनसे संबंधित उपाय करने के लिए शुभ माना जाता है।

शनि जयंती के दिन शनि देव की पूजा के दौरान ज्येष्ठ अमावस्या की व्रत कथा पढ़ने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है ।और जीवन की सभी परेशानियां दूर हो जाती है। ऐसे में आइए पढ़ते हैं शनि जयंती की कथा।

शनि जयंती की पहली व्रत कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार, शनिदेव सूर्य देव और उनकी पत्नी छाया के पुत्र हैं। एक बार की बात है, सूर्यदेव की पत्नी संज्ञा अपने पति के तेज से बहुत परेशान रहती थीं। वे उनके तेज को सहन नहीं कर पाती थीं।

इसलिए, उन्होंने अपनी एक परछाई छाया बनाई, जिसका नाम संवर्णा था, और उसे अपनी जगह सूर्यदेव की सेवा में लगा दिया। संज्ञा ने संवर्णा से कहा कि वह उनके बच्चों मनु, यमराज और यमुना की देखभाल करे और यह रहस्य किसी को न बताए। इसके बाद, संज्ञा स्वयं अपने पिता के घर चली गईं।

संवर्णा ने पूरी निष्ठा से संज्ञा का रूप धारण कर सूर्यदेव की सेवा की और उनके बच्चों की देखभाल की। कुछ समय बाद, संवर्णा गर्भवती हुईं और उनके गर्भ से शनिदेव का जन्म हुआ। जब शनिदेव का जन्म हुआ, तो उनका रंग काला था और उनका स्वभाव भी थोड़ा गंभीर था।

सूर्यदेव को संवर्णा पर संदेह हुआ कि यह उनका पुत्र नहीं हो सकता, क्योंकि यह उनके जैसा तेजस्वी नहीं था। उन्होंने संवर्णा और शनिदेव का अपमान किया।

यह देखकर संवर्णा बहुत दुखी हुईं। कहा जाता है कि शनिदेव की मां छाया ने भगवान शिव की कठोर तपस्या की थी, जिससे उनके शरीर में इतनी शक्ति आ गई कि गर्भ में पल रहे शनिदेव का रंग काला पड़ गया और उनका स्वभाव भी तपस्वी जैसा हो गया। जब सूर्यदेव ने शनिदेव का अपमान किया, तो शनिदेव क्रोधित हो गए और उन्होंने सूर्यदेव की ओर देखा। उनकी दृष्टि पड़ते ही सूर्यदेव काले पड़ गए और उन्हें कुष्ठ रोग हो गया।

यह भी पढ़ें-मंगलवार को भूलकर भी न करें ये काम, वरना हनुमान जी हो जाएंगे कुपित, करना पड़ेगा कष्टों का सामना!

सूर्यदेव अपनी इस दशा से बहुत परेशान हुए। उन्होंने भगवान शिव की आराधना की। तब भगवान शिव ने सूर्यदेव को बताया कि शनिदेव उनके ही पुत्र हैं और उनका अपमान करने के कारण ही उन्हें यह कष्ट मिला है। भगवान शिव के समझाने पर सूर्यदेव को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने शनिदेव से क्षमा मांगी। इसके बाद सूर्यदेव को उनका पूर्व रूप वापस मिल गया।

तब से यह मान्यता है कि शनिदेव अपने भक्तों पर कृपा करते हैं, लेकिन जो लोग गलत कर्म करते हैं या उनका अपमान करते हैं, उन्हें उनके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। शनिदेव को ‘न्याय का देवता’ और ‘कर्मफल दाता’ भी कहा जाता है।

 

Read this fasting story with sincerity during shani jayanti puja

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: May 27, 2025 | 05:34 PM

Topics:  

  • Lifestyle News
  • Religion
  • Shani Jayanti

सम्बंधित ख़बरें

1

आज का राशिफल 28 दिसंबर 2025: आज रविवार को सूर्य देव की कृपा से इन राशियों के बनेगें बिगड़े काम

2

नए साल की पहली पूर्णिमा की रात करें ये अचूक उपाय, पूरे साल बरसेगी मां लक्ष्मी की असीम कृपा

3

14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति के साथ भारत में ये 4 त्योहार भी धूमधाम से मनाए जाएंगे

4

इस हफ्ते क्या बोल रहे हैं आपके ग्रह-नक्षत्र, जानिए अपना साप्ताहिक राशिफल

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2025 All rights reserved.