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रथ सप्तमी के दिन जल में मदार के पत्ते डालकर ही नहाएं, जानिए इसका वैज्ञानिक रहस्य

Ratha Saptami Remedies:रथ सप्तमी के दिन जल में मदार के पत्ते डालकर नहाना परंपरा है। मदार के पत्तों में प्राकृतिक औषधीय गुण होते हैं, जो त्वचा को साफ़-स्वस्थ बनाते हैं और शरीर में ताजगी व ऊर्जा लाते है

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Jan 25, 2026 | 05:30 AM

भगवान सूर्य देव (सौ.सोशल मीडिया)

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Ratha Saptami 2026 Date: आज 25 जनवरी 2026 को रथ सप्तमी का पर्व मनाया जा रहा है। यह पर्व भगवान सूर्य के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। सनातन धर्म में इस दिन सूर्य देव की उपासना के साथ-साथ एक विशेष प्रकार के स्नान की परंपरा है, जिसे ‘अर्क स्नान’ कहा जाता है। इसमें सिर और कंधों पर ‘मदार’ के पत्ते रखकर स्नान किया जाता है।

रथ सप्तमी स्नान का वैज्ञानिक व आयुर्वेदिक महत्व

रथ सप्तमी पर सूर्योदय से पूर्व मदार (एरुक्कू) के 7 पत्तों के साथ स्नान करना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक दृष्टि से यह स्नान शरीर के तापमान को संतुलित करता है, त्वचा रोगों से बचाव करता है और सूर्य की किरणों से विटामिन D के बेहतर अवशोषण में मदद करता है। इसी कारण इसे आरोग्य सप्तमी भी कहा जाता है।

रथ सप्तमी पर स्नान से होने वाले प्रमुख लाभ

त्वचा और चर्म रोगों का उपचार

मदार का पौधा अपनी औषधीय शक्तियों के लिए जाना जाता है। आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, मदार में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-फंगल गुण होते हैं। जब सूर्य की पहली किरणों की उपस्थिति में मदार के पत्तों के स्पर्श के साथ जल शरीर पर गिरता है, तो यह त्वचा संबंधी विकारों को दूर करने में सहायक होता है।

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माइग्रेन और मानसिक शांति

स्नान के दौरान सिर पर पत्ता रखना शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करता है। प्राचीन उपचार पद्धतियों में बताया गया है कि मदार के पत्तों का स्पर्श सिरदर्द, माइग्रेन और तनाव को कम करने में प्रभावी होता है। यह मस्तिष्क की नसों को शीतलता प्रदान करता है।

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विटामिन D का बेहतर अवशोषण

रथ सप्तमी वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है। इस समय सूर्य की किरणें स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी होती हैं। मदार के पत्ते सूर्य की ऊर्जा को अवशोषित करने में मदद करते हैं, जिससे शरीर को पर्याप्त विटामिन D मिलता है और हड्डियां मजबूत होती हैं।

स्नान की विधि और महत्व

स्नान करते समय सूर्य देव का ध्यान करना और “ॐ घृणि सूर्याय नमः” का जाप करना शुभ माना जाता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस दिन किया गया दान और स्नान अक्षय फल प्रदान करता है और कुंडली में सूर्य की स्थिति को मजबूत बनाता है।

Ratha saptami madar leaves bath scientific reason

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Published On: Jan 25, 2026 | 05:30 AM

Topics:  

  • Religion
  • Sanatan Hindu religion

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