कब से शुरू हो रहा है फाल्गुन? आ गई सबसे सटीक तिथि, जानिए इस महीने क्या भूल से भी न करें
Falgun Month Significance: फाल्गुन महीने में भगवान श्री कृष्ण और भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है। फाल्गुन में होली का उत्सव और महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है।
- Written By: सीमा कुमारी
श्री कृष्ण और भगवान शिव (सौ.सोशल मीडिया)
Falgun 2026 Start Date: धार्मिक एवं आध्यात्मिक दोनों दृष्टि से फाल्गुन मास को बेहद पावन माना गया है। यह महीना भगवान श्री कृष्ण का प्रिय महीना भी माना जाता है। इस साल फाल्गुन माह की शुरुआत 02 फरवरी से हो रही है और 03 मार्च 2026 को इसका समापन होगा। फाल्गुन महीने के दौरान पूरे ब्रज में होली का उत्सव अपने चरम पर होता है और रंगों की रौनक देखते ही बनती है।
फाल्गुन महीने में महाशिवरात्रि का पर्व भी बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस दिन भगवान महादेव की विशेष पूजा-अर्चना का विधान होता है और भक्त शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र आदि अर्पित करते हैं। आइए आगे इस लेख में जानें कि फाल्गुन कब से शुरू होगा और इस महीने के विशेष नियम और महत्व क्या हैं।
फाल्गुन माह में क्या करना शुभ
भगवान श्री कृष्ण और भगवान शिव की पूजा करें। फाल्गुन माह में दोनों देवताओं की पूजा-अर्चना करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
सम्बंधित ख़बरें
Jyeshtha Month : ज्येष्ठ माह के पहले रविवार को कर लें ये काम, सूर्यदेव छप्पर फाड़ कर देंगे यश-वैभव!
Bada Mangal 2026: 19 साल बाद बन रहा है अद्भुत संयोग, नोट कीजिए 8 बुढ़वा मंगल की तिथियां
गप्पू जी जपते ही प्रकट हुए भगवान, गरीब किसान की अनसुनी कथा, जिसने भक्ति का असली मतलब समझा दिया
आपकी हथेली के रंग में छुपा है आपके अमीर-गरीब होने का राज़, जानिए क्या कहता है आपके हाथ का रंग
-
चंद्र देव की पूजा का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार फाल्गुन में चंद्र देव का जन्म हुआ है। इसलिए इस माह में चंद्र देव की पूजा का विशेष महत्व होता है।
-
रोजाना महादेव की पूजा-आराधना
हर दिन भगवान शिव की पूजा करें और शिवलिंग का विशेष अभिषेक करें। इससे जीवन में आने वाली कठिनाइयाँ और संकट दूर होते हैं।
-
दान-पुण्य करना चाहिए
फाल्गुन में अन्न, धन और अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करना चाहिए। इससे धन लाभ के योग बनते हैं और जीवन में कभी कमी नहीं रहती।
-
पितरों का तर्पण और दान
अगर आप पितरों की कृपा चाहते हैं, तो फाल्गुन में पितरों का तर्पण करें और उनके लिए विशेष दान करें।
इससे परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
फाल्गुन में क्या करना अशुभ
-
होलाष्टक के दौरान शुभ कार्य न करें
होलाष्टक के दिनों में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, सगाई जैसे मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए।
-
मांस-मदिरा और शराब का सेवन न करें
इस माह में मांसाहार और शराब से दूर रहना शुभ माना जाता है।
-
बुजुर्गों और महिलाओं का अपमान न करें
बुजुर्गों और महिलाओं का सम्मान करना चाहिए, अपमान करना वर्जित है।
ये भी पढ़ें-‘रथ सप्तमी’ को क्यों कहते हैं ‘आरोग्य सप्तमी’, ‘मिनी मकर संक्रांति’ नाम से भी पुकारा जाता है यह पर्व
-
अशुभ कड़वे या अपशब्द बोलने से बचें
बातचीत में किसी को भी अपशब्द या गाली-गलौज नहीं बोलनी चाहिए।
-
रविवार और एकादशी को तुलसी पत्ता न तोड़ें
फाल्गुन के रविवार और एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना वर्जित है और तुलसी के पौधे को पानी भी न दें।
