Puja Guidelines: पूजा-पाठ के बाद भूल से भी न करें ये काम, वरना पड़ेगा बहुत भारी!
Puja Path Rules: पूजा-पाठ के बाद कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। मान्यता है कि इस समय मन और वातावरण शुद्ध होता है, इसलिए कुछ गलतियां करने से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
- Written By: सीमा कुमारी
पूजा के नियम (सोर्स- सोशल मीडिया)
Puja Ke Baad Ke Niyam: हिन्दू धर्म में पूजा-पाठ का बड़ा महत्व दिया जाता है। हर हिंदू परिवार की दिन की शुरुआत पूजा-पाठ और भजन से होती है। हिंदू धर्म ग्रथों में पूजा-पाठ को धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का माध्यम बताया गया है। यही कारण है कि पूजा के तुरंत बाद कुछ चीजों को छूने या कुछ कामों से बचने की सलाह दी जाती है।
पूजा के बाद क्यों पवित्र अवस्था में रहने की सलाह
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, पूजा के दौरान व्यक्ति का मन, वचन और कर्म तीनों शुद्ध होते है। इस समय व्यक्ति ईश्वर के सबसे करीब माना जाता है।
पूजा के दौरान मंत्रों का उच्चारण, धूप-दीप और ध्यान से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यही कारण है कि पूजा के बाद व्यक्ति को कुछ समय तक उसी पवित्र अवस्था में रहने की सलाह दी जाती है।
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पूजा के बाद किन कामों को वर्जित माना गया है?
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अपशब्द न बोले
हिंदू धर्म ग्रथों में बताया गया है कि आप पूजा के बाद किसी को कोसते हैं या बुरा कहते हैं, तो वो आपके अपने ही जीवन में परेशानी खड़ी कर सकता है। इसलिए इस समय वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए।
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मांस या शराब का सेवन
कहा जाता है कि, पूजा के बाद (Puja Ke Baad)शुद्धता बनाए रखना जरूरी है ऐसे में मांस या मदिरा का सेवन करने से मन और शरीर की शुद्धता नष्ट होती है। इसलिए ऐसी गलती भूलकर भी नही करनी चाहिए।
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अपवित्र वस्तुओं को न छुए
पूजा के बाद जूते-चप्पल, गंदे बर्तन, कचरा या अन्य अपवित्र वस्तुओं को छूना अशुद्ध माना जाता है। मान्यता है कि ये चीजें नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होती हैं, जो पूजा से प्राप्त सकारात्मक ऊर्जा को कम कर सकती हैं। इसलिए पुराने समय से ही यह नियम बनाया गया कि पूजा के तुरंत बाद ऐसी चीजों से दूरी रखी जाए ।
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नहाना या स्नान करना
पूजा के तुरंत बाद स्नान करने से शरीर की वह सकारात्मक ऊर्जा खत्म हो सकती है, जो पूजा के दौरान उत्पन्न हुई होती है इसलिए कुछ समय बाद ही स्नान करने की सलाह दी जाती है।
आज के मॉर्डन युग में हर व्यक्ति के लिए इन नियमों का पालन करना शायद मुश्किल हो, लेकिन इन सभी बातों के पीछे का मुख्य उद्देश्य यही है कि पूजा के बाद कुछ समय तक मन की शांति और सकारात्मकता को बनाए रखने के इन कामों को करने से बचना चाहिए।
