
(सौजन्य सोशल मीडिया)
सावन का महीना भगवान शिव को अति प्रिय है क्योंकि इस महीने खूब बरसात होती है और शिव का जल तत्व से बेहद लगाव है। इस महीने चारों ओर हरियाली ही हरियाली हो जाती है जिससे प्रकृति के नजारे देखने लायक होते हैं। इस माह लगातार पानी बरसता है इसलिये पौधारोपण के लिये यह समय सबसे उपयुक्त होता है। धार्मिक तौर से भी ऐसी मान्यता है कि इस पावन महीने में कुछ विशेष पौधे लगाने से शिवजी प्रसन्न होते हैं और भक्तों के जीवन को सकारात्मकता से भर देते हैं।
यहां ऐसे ही पौधों के बारे में बताया जा रहा है जिन्हें सावन में लगाना अति शुभ माना जाता है। तो, इस माह में आप भी जरूर पौधोरोपण करें और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ शिवजी की कृपा प्राप्त करें।
भगवान शिव को बेलपत्र अति प्रिय है। ऐसी मान्यता है कि शिवजी को बेलपत्र चढ़ाने से उन्हें शीतलता प्राप्त होती है। घर के आस-पास बेल का वृक्ष होना भी अति शुभ माना जाता है। अत: इस माह विशेष रूप बेल का पौधा लगायें। मान्यता है कि इसे लगाने से घर में सुख समृद्धि आती है और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
रुद्राक्ष अर्थात शिव के आंसू। सावन में रुद्राक्ष का पौधा लगाने का खास महत्व है क्योंकि इसका सीधा संबंध शिव से माना जाता है। रुद्राक्ष को पवित्रता और आध्यात्मिकता का प्रतीक माना जाता है। हिन्दू धर्म में रुद्राक्ष धारण करने और इस पौधे की पूजा करने का खास महत्व है। यह सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि का प्रतीक है। यह पौधा पर्यावरण की दृष्टि से भी बहुत लाभकारी है।
आंवले का पौधा न केवल पर्यावरण के लिये लाभदायक है बल्कि इसका धार्मिक रूप से भी विशेष महत्व है। आंवला सेहत के लिये भी विशेष लाभकारी है और यह विटामिन-सी का उच्च स्रोत है। आयुर्वेद में आंवले को कई रोगों के इलाज के लिये इस्तेमाल किया जाता है। धार्मिक तौर से आंवले के पौधे को बहुत पवित्र और शुभ माना जाता है। इसकी पूजा भी की जाती है। मान्यता है कि इसे लगाने से घर में सुख और समृद्धि बनी रहती है।
भगवान शिव को मदार के सफेद फूल अति प्रिय हैं। धार्मिक मान्यता है कि मदार का पौधा लगाने से घर में सकारात्मकता आती है। सावन में आप इस पौधे को जरूर लगाएं। यह पौधा
औषधीय गुणों से भी भरपूर है। शिव पूजा में मदार के फूलों का विशेष महत्व है। सावन में शिवजी को मदार के पुष्प चढ़ाने से ग्रह दोषों की शांति होती है।
इस पौधे को लगाने के लिए भी सावन का महीना शुभ माना गया है। मान्यता है कि शमी का पौधा शनिवार के दिन लगाना चाहिए। शमी के पौधे को रोज जल देने और शाम को इसके पास सरसों का दीपक जलाने से भगवान भोलेनाथ और न्याय के देवता शनि देव दोनों की कृपा प्राप्त होती है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार तुलसी के पौधे में मां लक्ष्मी का वास होता है। पूजा के दौरान भगवान विष्णु को तुलसी दल चढ़ाने का विशेष महत्व है। यह पौधा औषधीय गुणों से भी भरपूर है। मान्यता है कि घर में तुलसी का पौधा लगाने से घर में धन वृद्धि होती है और कभी किसी चीज की कमी नहीं होती। तुलसी की पूजा का सावन माह में विशेष महत्व है।






