

Ekadashi Vrat food: परिवर्तनी एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। इस व्रत में अन्न और अनाज का सेवन नहीं किया जाता। हालांकि व्रत रखने का तरीका व्यक्ति की अपनी आस्था और पारिवारिक नियमों पर निर्भर करती है। कोई केवल फल खाता है, तो कोई दूध या एक समय फलाहार करता है।
अगर आप भी परिवर्तनी एकादशी का व्रत रख रहे हैं, तो जान लें इस दिन क्या खा सकते हैं और किन चीजों से परहेज करना चाहिए। परिवर्तनी एकादशी में किन चीजों का सेवन किया जा सकता है।
सेब, केला, पपीता, अनार, अंगूर, संतरा और नारियल जैसे फल फलाहार में शामिल किए जा सकते हैं। पूरे दिन केवल फल खाने वाले लोगों के लिए अलग-अलग फलों को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में लेना सही तरीका है।
व्रत की अपनी परंपरा के अनुसार दूध, दही और अन्य दूध से बने पदार्थ लिए जा सकते हैं। हालांकि इनका सेवन आपकी व्रत पद्धति पर निर्भर करता है।
बादाम, अखरोट, काजू, किशमिश और मखाने जैसे विकल्प फलाहार में लिए जाते हैं। इन्हें सीमित मात्रा में खाने से लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है।
साबूदाना एकादशी के दौरान नक्तभोजी या फलाहार करने वाले लोगों के बीच आसानी से बनने वाला एक लोकप्रिय विकल्प है। इससे साबूदाना खिचड़ी या साबूदाना खीर बनाई जा सकती है। इसमें सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जाता है।
शकरकंद और आलू भी कई परंपराओं में एकादशी के फलाहार का हिस्सा माने जाते हैं। इन्हें उबालकर या हल्के मसालों के साथ भुनकर भी खाया जा सकता है।
सिंघाड़े का आटा व्रत के दौरान इस्तेमाल किया जाता है। इससे रोटी, चीला या हल्का फलाहारी व्यंजन बनाया जा सकता है।
क्या नहीं खाना चाहिए?
एकादशी व्रत में गेहूं, चावल, जौ, मक्का और दालों सहित अनाज का परहेज किया जाना चाहिए। चना, राजमा, छोले और सोयाबीन जैसे खाद्य पदार्थ भी इस व्रत में नहीं खाए जाते हैं।
कई व्रत परंपराओं में सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक इस्तेमाल किया जाता है।
धार्मिक व्रत में मांसाहारी भोजन और शराब का सेवन नहीं किया जाता। भोजन को सात्विक रखना ही किसी भी पूजा के लिए अनिवार्य है।
कुट्टू का आटा और सामक के चावल आमतौर पर व्रत के भोजन में इस्तेमाल किए जाते हैं। हालांकि कुछ परंपराओं में इन्हें छद्म अनाज यानी अनाज जैसे खाद्य पदार्थ माना जाता है, इसलिए कई लोग एकादशी पर इनसे भी परहेज करते हैं।
अगर आपने निर्जला व्रत का संकल्प नहीं लिया है, तो पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। व्रत में कुछ लोग केवल पानी, दूध, फल और एक समय फलाहार करते हैं। अपनी सेहत और क्षमता के अनुसार व्रत की पद्धति को चुनना बेहतर है।